चंडीगढ़: पंजाब कैबिनेट की हालिया बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कई अहम मुद्दों पर घोषणा की, जिनका मकसद राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और विकास को गति देना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब के एकीकृत भवन नियमों को मंज़ूरी दी गई है। इसके तहत अब 21 मीटर तक ऊँची इमारतें स्व-प्रमाणन के जरिए बनाई जा सकेंगी। इससे पहले 15 मीटर की ऊँचाई सीमा थी और लोगों को मंजूरी लेने में अक्सर बाधाओं और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही भूमि कवरेज की सीमा बढ़ाकर 100 मीटर कर दी गई है और पार्किंग नियमों में भी ढील दी गई है।
लुधियाना में नई उप-तहसील
लुधियाना में अब एक उप-तहसील स्थापित की जाएगी, जिसमें लुधियाना उत्तर, चार पटवार क्षेत्र, एक विधि क्षेत्र और लगभग आठ गाँव शामिल होंगे। यहाँ एक उप-तहसीलदार तैनात किया जाएगा, जिससे स्थानीय प्रशासनिक कामकाज और भी तेज़ और पारदर्शी होगा।
बरनाला को नगर निगम का दर्जा
बरनाला नगर परिषद को अब नगर निगम में अपग्रेड किया गया है। इसके पीछे कारण क्षेत्र की बढ़ती आबादी, बढ़ा हुआ जीएसटी संग्रह और बड़े उद्योग हैं। स्थानीय निवासियों की लंबे समय से यह मांग थी।
खेल परिषद में नई नियुक्तियाँ
पंजाब खेल परिषद के लिए नए पद सृजित किए गए हैं। 14 ए और 80 सी ग्रुप के तहत कुल 100 खेल-संबंधी पद बनाए गए हैं, जिनमें डॉक्टर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इन पदों पर तीन साल के अनुबंध पर नियुक्ति की जाएगी और मुख्य रूप से पटियाला, फरीदकोट, जालंधर, अमृतसर और होशियारपुर के जिलों में खेल गतिविधियों को कवर किया जाएगा।
डेराबस्सी में 100 बिस्तरों वाला ESI अस्पताल
राज्य सरकार ने डेराबस्सी में 100 बिस्तरों वाला ईएसआई अस्पताल खोलने की मंज़ूरी दी है। इसका निर्माण केंद्र सरकार करेगी, जबकि राज्य सरकार 4 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी।
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नशा मुक्ति केंद्रों और निजी पुनर्वास केंद्रों पर सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों की संख्या पांच तक सीमित की जाएगी, बायोमेट्रिक सत्यापन लागू होगा और दवाओं की जांच सुनिश्चित की जाएगी। निजी पुनर्वास केंद्रों को भी कड़ा नियमावली में लाया जाएगा और ओएटी क्लीनिकों को शामिल किया जाएगा।
उद्योग जगत की मांगों को भी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत की बैंकिंग से जुड़ी मांगों को भी मान्यता दी गई है। कैम्पिंग शुल्क 5 लाख रुपये और रजिस्ट्रेशन शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित किया गया। कैबिनेट ने इन सभी प्रस्तावों पर चर्चा करने के बाद एक उप-समिति के सुझावों के आधार पर अंतिम मंजूरी दी।
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