
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वर्ष 2024 में चंडीगढ़ में 58 नई और अत्याधुनिक एम्बुलेंस राज्य को समर्पित कीं। इस अवसर पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि इन नई एम्बुलेंस को शामिल करने का मकसद राज्य के लोगों तक समय पर और बेहतर इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। पंजाब सरकार ने इन एम्बुलेंस के लिए लक्ष्य तय किया है कि शहरी इलाकों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 मिनट के भीतर मरीजों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इन नई एम्बुलेंस को आधुनिक जीवन रक्षक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, एम्बू बैग, जरूरी जीवन रक्षक दवाइयां और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम शामिल हैं, जिससे इमरजेंसी कॉल पर एम्बुलेंस की लोकेशन और प्रतिक्रिया समय पर नजर रखी जा सकेगी। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से पहले ही जरूरी प्राथमिक इलाज मिल सकेगा।
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम को और कम कर 10 मिनट तक लाना है, ताकि गंभीर मरीजों को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर इलाज मिल सके। यह कदम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। फिलहाल शहरों में 15 मिनट और गांवों में 20 मिनट के भीतर एम्बुलेंस पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन नई एम्बुलेंस में सात विशेष ‘चाइल्ड मेमोरियल एम्बुलेंस’ भी शामिल हैं। इन्हें इस साल की शुरुआत में पटियाला जिले के समाना में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की याद में समर्पित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये एम्बुलेंस एक ओर श्रद्धांजलि हैं तो दूसरी ओर उन इलाकों में इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने का व्यावहारिक प्रयास भी हैं, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। स्वास्थ्य मंत्री ने 108 एम्बुलेंस सेवा की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 108 सेवा पंजाब की इमरजेंसी हेल्थकेयर व्यवस्था की रीढ़ है। नई एम्बुलेंस के जुड़ने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि मदद के लिए आने वाली किसी भी कॉल को नजरअंदाज न किया जाए।
108 एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी। तब से अब तक यह सेवा 30 लाख से अधिक लोगों की मदद कर चुकी है। इसमें सड़क हादसे, दिल का दौरा, गर्भवती महिलाओं की आपात स्थिति, ट्रॉमा और अन्य गंभीर मेडिकल मामलों में सहायता शामिल है। नई एम्बुलेंस को पूरे पंजाब के विभिन्न जिलों में रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स को और बेहतर बनाया जा सके। इनमें लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर, फरीदकोट, बठिंडा, मुक्तसर साहिब सहित बड़े और छोटे शहर शामिल हैं।
इस पहल से पंजाब के लोगों को इमरजेंसी के समय कम इंतजार करना पड़ेगा और बेहतर सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस समय पर मौके पर पहुंचेगी। खासतौर पर उन इलाकों में राहत मिलेगी, जहां पहले उन्नत जीवन रक्षक सेवाओं की पहुंच सीमित थी। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी यह एक अहम उपलब्धि रही है। वर्ष 2011 से अब तक प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की मदद से एम्बुलेंस में 3617 सफल प्रसव कराए जा चुके हैं। यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है। किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में पंजाब के निवासी 108 नंबर पर कॉल कर तुरंत मेडिकल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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