
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य के बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया। बता दें कि दिवाली से पहले प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के वादे को निभाते हुए, आज राज्य के 13 कैबिनेट मंत्रियों को विभिन्न जिलों में मुआवज़ा चेक वितरित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।
यह सहायता ‘मिशन पुनर्वास’ के तहत दी जा रही है, जो राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को पुनः स्थापित करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस अभियान की शुरुआत अमृतसर ज़िले के अजनाला क्षेत्र से करेंगे,जहां 631 किसानों को ₹5.70 करोड़ की राशि के चेक सौंपे जायेंगे।
1987 के बाद सबसे विनाशकारी बाढ़
इस वर्ष की बाढ़ को 1987 के बाद की सबसे गंभीर त्रासदी बताया जा रहा है। उस वर्ष प्रदेश के 23 ज़िले इसकी चपेट में आए थे और लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हुए थे। इस बार भी बाढ़ से बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित हुआ है, जिसके चलते इसे राज्य सरकार ने एक आपदा घोषित किया।
केंद्र सरकार के पैकेज पर सियासी हलचल
बाढ़ राहत को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सियासी खींचतान भी देखने को मिली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की और यह भी कहा कि राज्य सरकार के पास पहले से ₹12,000 करोड़ का फंड मौजूद है।
इसके बाद, पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती पंजाब सरकार और केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री मान ने गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मसले पर मुलाकात की।
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