मोहाली: पंजाब सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि राज्य में गेहूँ भंडारण की जगह की कमी गंभीर स्थिति पैदा कर रही है। यदि पुराने गेहूँ का उठाव नहीं हुआ, तो किसानों में नाराजगी बढ़ सकती है और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पंजाब में गेहूँ की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने वाली है, लेकिन भंडारण की जगह न होने के कारण चिंता बढ़ गई है।
पुराने गेहूँ को तुरंत उठाने का आग्रह
पंजाब सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से अनुरोध किया है कि पिछले साल का भंडारित गेहूँ तुरंत उठाया जाए, ताकि नई फसल के लिए पर्याप्त जगह बनाई जा सके। पंजाब के विभिन्न जिलों में इस बार गेहूँ की फसल पहले आने की संभावना है, खासकर पटियाला और मोहाली में, क्योंकि तापमान सामान्य से अधिक है।
सरकारी खरीद में संभावित समस्याएं
पिछले दो वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर गेहूँ की खरीद बढ़ी है, जबकि अन्य राज्यों में मांग कम हुई। इसके परिणामस्वरूप, पंजाब से गेहूँ की खरीद अपेक्षाकृत कम हुई है। पिछले साल केवल आधा भंडारित गेहूँ ही उठाया जा सका।
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केंद्र को लिखा पत्र
पंजाब सरकार ने FCI के अध्यक्ष को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि यदि मंडियों से सीधे 22 लाख मीट्रिक टन गेहूँ नहीं उठाया गया, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर कार्रवाई न होने पर किसानों में असंतोष फैल सकता है।
पंजाब में किसानों और प्रशासन दोनों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है, क्योंकि नई फसल के लिए जगह बनाना और भंडारण समस्या का समाधान करना अब अहम हो गया है।
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