पंजाब: माननीय चेयरमैन प्रो. (डॉ.) आदर्श पाल विग जी के अथक प्रयासों और दूरदर्शिता के कारण पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने परिवार में इजाफा किया है। वोर्ड ने अपने विभिन्न संवर्गो में नवनियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है, ताकि उन्हें पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके और पर्यावरण की उचित देखभाल की जा सके। बोर्ड के वरिष्ठ अनुभवी अधिकारियों द्वारा नये स्टाफ को पटियाला, मोहाली, लुधियाना, जालंधर में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना है, ताकि बोर्ड के विभिन्न कार्यों को कुशलतापूर्वक निष्पादित करने के लिए सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा सके।

इस प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बोर्ड के माननीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आदर्श पाल विग एवं सदस्य सचिव इंजी. जीएस मजीठिया ने थापर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ब्लॉक भवन के सामुदायिक हॉल में नए स्टाफ का स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
बोर्ड के माननीय मुख्य पर्यावरण अभियंता इंजी. राजीव गोयल, डॉ. लवनीत दुबे और इंजी. राकेश नैयर जी ने नए कर्मचारियों को न केवल बोर्ड के निर्माण के बारे में जानकारी दी, बल्कि साधारण शुरुआत से लेकर वर्तमान तक की शानदार, संसाधनपूर्ण और समृद्ध यात्रा के बारे में भी बताया। बोर्ड के प्रति अधिकारियों/कर्मचारियों के संघर्ष, कड़ी मेहनत, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा यात्रा के अपने व्यक्तिगत अनुभवों के साथ बोर्ड के इतिहास को पुनर्जीवित किया। ताकि बोर्ड के नए अधिकारी एवं कर्मचारी पर्यावरण एवं मानवता के सर्वोच्च मूल्यों को अपनाकर बोर्ड के प्रति आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।
सदस्य सचिव, इंजी. अपने संबोधन में मजीठिया ने कहा कि बोर्ड में शामिल होने (1988) से लेकर सदस्य सचिव बनने तक के अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बोर्ड का नाम जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड था और इसका दायरा बहुत सीमित तथा जल प्रदूषण को नियंत्रित करने तक सीमित था। बोर्ड के पास भवन, प्रयोगशाला या वाहन जैसी अपनी सुविधाएं नहीं थीं। स्टाफ भी बहुत कम और अपर्याप्त था। यहां तक कि जिन उद्योगों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह बोर्ड बनाया गया था, उन्हें भी इस विभाग के बारे में कुछ नहीं पता था। ऐसे में हम लोग अपनी साइकिलों आदि पर जाकर अपने अधिकारियों के आदेशानुसार उद्योगों को इस विभाग के बारे में बताते, प्रदूषण के बारे में जागरूक करते तथा बोर्ड में नामांकन के लिए उद्योगों को फार्म आदि बेचते। सदस्य सचिव ने अपने सेवाकाल के दौरान घटित अनेक घटनाओं का उल्लेख करते हुए नये कर्मचारियों को अपने कार्यालयीन कर्तव्यों का पालन आज्ञाकारिता, त्याग, ईमानदारी, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ करने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रकृति द्वारा निर्मित इस सुंदर व्यवस्था/पर्यावरण को संरक्षित करने में अनेक व्यक्ति / संगठन लगे हुए हैं। लेकिन हम भाग्यशाली हैं कि हम इस विभाग का हिस्सा हैं और हमारे रोजगार के माध्यम से पर्यावरण को संरक्षित करना हमारा कर्तव्य है, इसलिए हमें इसे अपना धार्मिक कर्तव्य और पूजा मानना चाहिए। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
माननीय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आदर्श पाल विग जी ने अपने संबोधन में कहा कि बोर्ड इन 50 वर्षों में तीव्र तकनीकी विकास, आर्थिक प्रगति और विकास के मॉडल के तहत प्रदूषण से संबंधित विभिन्न चुनौतियों से निपट रहा है। अनेक संघर्षों के बावजूद, बोर्ड परिपक्व हो गया है और अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है। इसीलिए आज आपको इस अवसर को मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आप सभी कड़ी मेहनत करके, अपने माता-पिता / शिक्षकों और अन्य संस्थानों के आदेशों का पालन करके इस मुकाम तक पहुंचे हैं और मुझे आपसे बहुत उम्मीदें हैं। कि आप भविष्य में भी इसी सीखने की आदत को आगे बढ़ाते रहेंगे, तथा बोर्ड द्वारा दी गई अपनी कार्य जिम्मेदारियों में भी इस सीखने की आदत को सदैव जारी रखेंगे। संस्थाओं के बिना भी, नश्वर जीवन जीते हुए, हम हर छोटे-बड़े व्यक्ति से सीख सकते हैं और अपना काम सफलतापूर्वक कर सकते हैं। चाहे वह घर / समाज हो या हमारा कार्यस्थल, किसी के साथ भी उसकी स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए। क्योंकि आपके पास एक ऐसे विभाग में शामिल होने का अवसर है जो सीधे प्रकृति से जुड़ा हुआ है, पर्यावरण को संरक्षित करना न केवल हमारा काम है बल्कि एक मानवीय कर्तव्य भी है। इसलिए हमें अपने कार्य को पारदर्शिता, सटीकता, गति, परिश्रम और ईमानदारी के साथ करते हुए अपने स्वभाव में विनम्रता और सहजता बनाए रखनी होगी, ताकि हम बोर्ड, सरकार और जनता की प्रगति की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।
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