Last Updated: October 4, 2026

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बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रहे पंजाब के स्कूल ऑफ एमिनेंस, जानिए कैसे?

January 9, 2026

बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रहे पंजाब के स्कूल ऑफ एमिनेंस, जानिए कैसे?

पंजाब सरकार ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत स्कूल्स ऑफ़ एमिनेंस स्थापित किए हैं, जिनमें छात्रों को मुफ्त शिक्षा और विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। इन स्कूलों में छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म प्रदान की जा रही है, लड़कियों के लिए बस सेवाओं की व्यवस्था की गई है, और उन्हें सशस्त्र बल, नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफ़टी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जा रही है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, पंजाब सरकार का उद्देश्य वंचित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत शुरुआत करना है। उन्होंने कहा, “हम युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।”

पंजाब सरकार ने कुल 231.74 करोड़ रुपये के निवेश से 118 स्कूल्स ऑफ़ एमिनेंस स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इन स्कूलों और अन्य सरकारी स्कूलों के छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन किया है। इनमें संयुक्त प्रवेश परीक्षा मेन्स पास करने वाले छात्रों की संख्या 265 है, संयुक्त प्रवेश परीक्षा उन्नत 44 और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में 848 छात्र सफल हुए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इन स्कूलों की तुलना “आधुनिक युग के मंदिर’ से की और कहा कि ये स्कूल हजारों छात्रों के जीवन को नई दिशा और रोशनी देंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब निजी स्कूलों के छात्र भी इन स्कूल्स ऑफ़ एमिनेंस में दाखिला लेने के इच्छुक हैं, जो इस मॉडल की सफलता का संकेत है।

इसके अलावा, पंजाब सरकार ने पेरेंट-टीचर मीटिंग की भी शुरुआत की है, जिसे माता-पिता का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ है। वर्तमान में पंजाब में 19,200 सरकारी स्कूल हैं और लगभग 25 लाख माता-पिता पेरेंट-टीचर मीटिंग में भाग ले चुके हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार सरकारी और निजी स्कूलों के बीच गुणवत्ता और सुविधाओं के अंतर को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

शहीद सूबेदार मेवा सिंह स्कूल ऑफ़ एमिनेंस के छात्रों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्रांति का नया युग शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि 2022 में इस पहल की शुरुआत की गई थी और अब यह क्रांतिकारी कदम पूरे देश में सराहे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य छात्रों के सपनों को हकीकत में बदलना और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना है। स्कूल्स ऑफ़ एमिनेंस इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम साबित हो रहे हैं।

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