Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

पंजाब के स्कूल ऑफ एमिनेंस वंचित छात्रों को जेईई और नीट की तैयारी में कर रहे मदद

December 30, 2025

पंजाब के स्कूल ऑफ एमिनेंस वंचित छात्रों को जेईई और नीट की तैयारी में कर रहे मदद

पंजाब सरकार के स्कूल्स ऑफ एमिनेंस राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का कहना है कि ये स्कूल खास तौर पर उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए हैं, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से बेहतर शिक्षा से वंचित रह जाते थे। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब के युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाले न बनें, बल्कि आगे चलकर दूसरों को रोजगार देने वाले बनें।

सरकारी स्कूलों को बनाया जा रहा उत्कृष्टता केंद्र

स्कूल्स ऑफ एमिनेंस के ज़रिए पंजाब सरकार ने सामान्य सरकारी स्कूलों को उत्कृष्टता केंद्रों में बदलने का काम शुरू किया है। इन स्कूलों में आधुनिक इमारतें, स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर लैब, लाइब्रेरी और करियर-आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ जेईई और नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है। राज्य सरकार ने अब तक 231.74 करोड़ रुपये की लागत से कुल 118 स्कूल्स ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी

स्कूल्स ऑफ एमिनेंस में पढ़ने वाले छात्रों को कई सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि आर्थिक परेशानी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जाती है। छात्राओं के लिए बस सेवा की व्यवस्था की गई है। जेईई, नीट, क्लैट, निफ्ट और सशस्त्र बलों की परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। इन स्कूलों और अन्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 265 छात्रों ने जेईई मेन्स, 44 छात्रों ने जेईई एडवांस्ड, और 848 छात्रों ने नीट परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है।

निजी स्कूलों से भी बढ़ी मांग

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्कूल्स ऑफ एमिनेंस को ‘आधुनिक युग के मंदिर’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो हज़ारों बच्चों का भविष्य संवारेंगे, अब निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी इन सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने की इच्छा जता रहे हैं, जो इस शिक्षा मॉडल की सफलता को दर्शाता है।

पंजाब सरकार ने पेरेंट-टीचर मीटिंग की व्यवस्था को दोबारा मज़बूती से लागू किया है। इससे माता-पिता को अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रगति की सीधी जानकारी मिल रही है। पंजाब में इस समय करीब 19,200 सरकारी स्कूल हैं और अब तक लगभग 25 लाख माता-पिता पीटीएम में हिस्सा ले चुके हैं।

शिक्षा क्रांति का नया दौर

शहीद सूबेदार मेवा सिंह स्कूल ऑफ एमिनेंस के छात्रों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। छात्रों के सपनों को साकार करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए साल 2022 में ‘शिक्षा क्रांति’ की शुरुआत की गई थी। सरकार का दावा है कि शिक्षा में किए गए इन बड़े बदलावों की अब पूरे देश में सराहना हो रही है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें