Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

पंजाब में पराली जलाने के मामले 4500 के पार, 8 जिलों के डीसी-एसएसपी को आयोग का नोटिस

November 13, 2025

पंजाब में पराली जलाने के मामले 4500 के पार, 8 जिलों के डीसी-एसएसपी को आयोग का नोटिस

चंडीगढ़: पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी हैं। बीते कुछ दिनों में मामलों की संख्या 4500 से अधिक हो चुकी है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने आठ जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

किन जिलों के अधिकारियों को मिला नोटिस

आयोग ने जिन जिलों के अधिकारियों से जवाब तलब किया है, उनमें श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, संगरूर और तरनतारन शामिल हैं। नोटिस वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम की धारा 14 के तहत जारी किए गए हैं, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल की कैद या दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

आयोग ने जताई नाराज़गी

आयोग के अधिकारियों ने हाल ही में पंजाब का दौरा कर पराली प्रबंधन से जुड़े प्रयासों की समीक्षा की थी। इस दौरान राज्य प्रशासन के कामकाज को लेकर असंतोष भी जताया गया था। आयोग का कहना है कि धान की कटाई से पहले ही पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद खेतों में आगजनी की घटनाएँ रुक नहीं रही हैं।

आंकड़ों से झलकती चिंता

निगरानी के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 15 सितंबर से अब तक 4500 से अधिक पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं।

30 सितंबर तक: 95 मामले

अक्टूबर में: 1601 मामले

नवंबर के शुरुआती 10 दिनों में ही: 2553 नए मामले सामने आए हैं। सिर्फ मंगलवार को ही 312 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएँ दर्ज की गईं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका है।

ये भी पढ़ें: OnePlus 15 आज भारत में लॉन्च: मिलेगा Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर, जानें फीचर्स और कीमत

सख्त कार्रवाई के संकेत

आयोग ने साफ कर दिया है कि अगर जिलों के डीसी और एसएसपी अपने जवाबों से आयोग को संतुष्ट नहीं कर पाते, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते पराली जलाने के मामले दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के बड़े हिस्से में वायु प्रदूषण की स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें