
Punjab Vigilance Bureau: चंडीगढ़: पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह संधू की कानूनी परेशानियां अब और भी बढ़ गई हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने गुरशेर सिंह और उनकी मां सुखवंत कौर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला राज्य में चर्चित लॉरेंस बिश्नोई इंटरव्यू प्रकरण के बाद सामने आया है, जिसमें पहले ही कई अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में रही है।
तीन साल की जांच, भारी अंतर सामने आया
विजिलेंस की फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने डीएसपी के पिछले तीन साल के आय और खर्च का विश्लेषण किया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2024 के बीच डीएसपी को कुल 26 लाख रुपये की सरकारी सैलरी प्राप्त हुई, जबकि इस दौरान उनके और उनके परिवार के खर्च 2.59 करोड़ रुपये तक पहुंचे। यह आय और खर्च के बीच असंगति इस मामले की मुख्य वजह बनी।
जमीन, बैंक बैलेंस और निवेश की पूरी छानबीन
विजिलेंस की जांच में यह सामने आया कि 1 अप्रैल 2021 को डीएसपी और उनके परिवार के बैंक खातों में कुल 3 लाख रुपये से थोड़ा अधिक राशि थी, जबकि उन पर पहले से 3.17 लाख रुपये का कर्ज भी था। इसके विपरीत, जांच अवधि में 9.67 करोड़ रुपये की कथित आय का पता चला।
31 मार्च 2024 तक की रिपोर्ट के अनुसार, डीएसपी के पास लगभग 2.47 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति, 83.88 लाख रुपये का बैंक बैलेंस और करीब 1.81 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न कंपनियों, फर्मों और सोसाइटियों में निवेशित पाई गई। इसके अलावा, उन्होंने और उनके परिवार ने कुल 25.17 लाख रुपये का लोन भी ले रखा था।
-गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
एफआईआर दर्ज होने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने गुरशेर सिंह और उनकी मां की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
पंजाब में भ्रष्टाचार पर सख्ती
पंजाब सरकार और विजिलेंस विभाग इस समय भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति जैसे मामलों पर सख्त रुख अपना रहे हैं। डीएसपी गुरशेर सिंह के खिलाफ की गई यह कार्रवाई उसी मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें सरकारी अधिकारियों की आर्थिक पारदर्शिता को लेकर कड़ी निगरानी की जा रही है।
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