Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

Punjab Weather Update: पंजाब में शीतलहर का कहर, कई इलाकों में पड़ा घना कोहरा

January 11, 2026

Punjab Weather Update: पंजाब में शीतलहर का कहर, कई इलाकों में पड़ा घना कोहरा

चंडीगढ़: लोहड़ी के मौके पर पंजाबवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि त्योहार के दौरान राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, 15 या 16 जनवरी के बाद ही मौसम में बदलाव आ सकता है। ऐसे में लोहड़ी के अलाव, पतंगबाजी और खुले में होने वाले कार्यक्रम बिना किसी मौसमीय रुकावट के संपन्न हो सकेंगे।

बीते कुछ वर्षों में लोहड़ी के समय अचानक हुई बारिश ने कई जिलों में जश्न को प्रभावित किया था। खासकर पिछले दो सालों में खराब मौसम के चलते बाहरी आयोजन फीके पड़ गए थे। लेकिन इस बार मौसम के साफ रहने की उम्मीद से लोगों में उत्साह साफ देखा जा रहा है।

13–14 जनवरी को कोहरे और शीतलहर की चेतावनी

हालांकि बारिश से राहत है, लेकिन ठंड का असर फिलहाल कम होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने 13 और 14 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। शनिवार को पंजाब के 10 जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि पांच जिलों में शीतलहर और छह जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।

प्रशासन ने खास तौर पर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कम दृश्यता के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

माघी मेला और राजनीतिक आयोजनों को राहत

14 जनवरी को माघ महीने की शुरुआत के साथ ही श्री मुक्तसर साहिब समेत कई धार्मिक स्थलों पर माघी मेले का आयोजन होगा। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा कई राजनीतिक दलों के सम्मेलन और रैलियां भी प्रस्तावित हैं।

बारिश की संभावना न होने से धार्मिक आयोजनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के सुचारु रूप से होने की उम्मीद है, जिससे प्रशासन और आयोजकों दोनों को राहत मिली है।

ये भी पढ़ें: आज का दिन इन राशियों के लिए चिंता भरा, जानें अन्य राज्यों का हाल

प्रदेश में ठंड का असर कायम

राज्य में ठंड का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को पंजाब का औसत अधिकतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 1.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब क्षेत्र के ऊपर सक्रिय ऊपरी हवा प्रणाली मौसम में इस बदलाव की वजह है।

पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 3.4 डिग्री कम है।

ये भी पढ़ें: आज से 14 जनवरी तक इन इलाकों में पड़ेगी भीषण सर्दी, जानें देशभर में मौसम का हाल

पिछले वर्षों के मुकाबले हल्की रही सर्दी

पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार की सर्दी अपेक्षाकृत कम तीखी रही है। वर्ष 2013 में कई इलाकों में तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। वहीं 2018 में अमृतसर का तापमान 1.2 डिग्री और बठिंडा का 3.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जिससे अमृतसर उस समय शिमला से भी ज्यादा ठंडा हो गया था।

2019 और 2020 में ठंड का असर सीमित रहा, जबकि 2021 में ठंड ने फिर जोर पकड़ा। मौजूदा सर्दियों में अब तक हालात उतने गंभीर नहीं रहे हैं, हालांकि कोहरा और ठंड लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें