चंडीगढ़/लेहरागागा: पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज कहा कि भारतीय सेना के लिए राजस्थान को पानी उपलब्ध कराने का पंजाब सरकार का फैसला राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाबियों को उनकी परोपकारिता और दूसरों की मदद करने की इच्छा के लिए जाना जाता है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बीबीएमबी मुद्दे को सुलझाने में कोई रचनात्मक भूमिका नहीं निभाई है। उन्होंने कहा कि चूंकि हरियाणा ने अपने आवंटित जल हिस्से का समुचित उपयोग नहीं किया है, इसलिए पंजाब किसी भी प्रकार की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं करेगा।
कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सेना के लिए राजस्थान को पानी देने के लिए तैयार है, क्योंकि यह राष्ट्र और सशस्त्र बलों के हित में है। हालाँकि, पंजाब के किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
बीबीएमबी मुद्दे के संबंध में गोयल ने कहा कि संगठन ने हरियाणा व अन्य राज्यों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की है, जबकि पंजाब इसके कोष में 60 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार अपने हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
पत्रकारों से बात करते हुए गोयल ने पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के लिए भारतीय सेना की प्रशंसा की तथा देश की सशस्त्र सेनाओं पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मौजूदा संकट के दौरान अपने लोगों के साथ खड़ी है और भविष्य में भी ऐसा करती रहेगी।
इससे पहले कैबिनेट मंत्री ने लहरागागा शहर से गुजरने वाले ‘डिच ड्रेन’ के विकास कार्यों का जायजा लिया, जो लंबे समय से गंदगी और बदसूरती के लिए बदनाम था, जिसे अब सार्वजनिक सैरगाह में तब्दील किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कार्य लगभग पूरा होने वाला है और जल्द ही इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि यह नाला लहरागागा के मध्य से होकर गुजरता है तथा इसके किनारे रहने वाले लोगों को दयनीय स्थिति का सामना करना पड़ता है। दरअसल, कई मकान नाले के ऊपर ही बने हैं और वे जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं।
आसपास गंदगी के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता था। इस मुद्दे पर ध्यान दिए जाने के लिए जनता की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी। बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि अब पानी का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए नाले में 4.5 फीट चौड़ी दो पाइपें लगाई गई हैं।
पहले यह 15 करोड़ रुपए की परियोजना थी, लेकिन विभागीय ईमानदारी के कारण इसकी निविदा 12 करोड़ रुपए में कर दी गई, जिससे राज्य के लोगों को 3 करोड़ रुपए की बचत हुई। उन्होंने कहा कि यह परियोजना लगभग एक माह पहले शुरू हुई थी और तेजी से पूरी होने की ओर अग्रसर है।
3 किलोमीटर लंबे और 32 फुट चौड़े नाले को 15 फुट चौड़ी इंटरलॉकिंग टाइलों से पक्का किया जा रहा है। इसके किनारों पर ग्रिल लगाई जाएंगी, साथ ही आधुनिक घास और पौधे भी लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र से कभी सभी लोग बचते थे, उसे अब एक सुंदर पैदल मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके रखरखाव के लिए तीन कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले 40 वर्षों में इस नाले पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया गया और न ही कोई इसका निरीक्षण करने आया। हालाँकि, अब लोग नियमित रूप से सुबह और शाम की सैर के लिए यहाँ आ रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि अब झुग्गी-झोपड़ियों में बारिश का पानी जमा नहीं होने दिया जाएगा तथा उसे नाले में डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार गांवों और शहरों दोनों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शहर के सौन्दर्यीकरण एवं विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम लहरागागा सूबा सिंह, नरिंदर कुमार गोयल, एडवोकेट गौरव गोयल, तजिंदर कुमार घई, एसडीओ चेतन गुप्ता, एक्सईएन गुरदीप बांसल, एक्सईएन जगदीप भाखर, एमसी कपिल तायल, एमसी सुरिंदर कुमार जग्गी, शीशपाल, अग्रवाल सभा लहरागागा के अध्यक्ष नंद लाल नंदू, मेघ राज, दीपक जैन, संजय कुमार (अध्यक्ष, हनुमान मंदिर कमेटी), राम सरूप, सेवानिवृत्त जेई मलकीत सिंह भी उपस्थित थे।
ये भी पढ़ें- BIG BREAKING : बिहार के शीतला मंदिर में मची भगदड़, 5 की मौत, कई लोग घायल

