फिरोजपुर: मंडल रेल प्रबंधक फिरोजपुर संजीव कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा अधिकारी रोहित वर्मा के नेतृत्व में अमृतसर रेलवे स्टेशन पर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने में रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और दक्षता का आकलन करना था।
अमृतसर यार्ड में एनडीआरएफ टीम के साथ संयुक्त रूप से आयोजित इस मॉक ड्रिल में एक ऐसे परिदृश्य का अनुकरण किया गया जिसमें एक विशेष सेना का रेक एक भारी सड़क वाहन से टकरा गया, जो शंटिंग कार्यों के दौरान अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पर आ गया था। इस टक्कर के कारण एक कोच पटरी से उतर गया और उसमें आग लग गई, जिससे लगभग 20 सैन्यकर्मी और 7-8 रेलवे कर्मचारी उसमें फंस गए।
सूचना मिलने पर, रेलवे अधिकारियों ने तुरंत अमृतसर से SPARMV – स्व-चालित दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन और ART – दुर्घटना राहत ट्रेन को घटनास्थल पर भेजा। एनडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से बचाव अभियान शुरू किया गया। सभी प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया और क्षतिग्रस्त कोच को लगभग 70 मिनट के भीतर पटरी पर वापस ला दिया गया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रेलवे विभागों और राज्य एजेंसियों, जिनमें अग्निशमन विभाग, स्थानीय अस्पताल और एनडीआरएफ शामिल हैं, के बीच समन्वय को मज़बूत करना था ताकि वास्तविक आपात स्थितियों के दौरान त्वरित और कुशल राहत एवं पुनर्वास अभियान सुनिश्चित किया जा सके। बठिंडा से एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन ने डिप्टी कमांडेंट पंकज शर्मा के नेतृत्व में इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए, डीआरएम संजीव कुमार ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रेलवे कर्मचारी आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार रहें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसी घटनाओं के दौरान प्रशासन, चिकित्सा टीमों के साथ समय पर संवाद और घायलों को प्राथमिक उपचार और सहायता प्रदान करना प्रमुख ज़िम्मेदारियाँ हैं।
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