Last Updated: September 22, 2026

Dainik Savera Times Logo

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई, वार्षिक बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

June 26, 2026

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने स्कूल फीस में मनमानी बढ़ोतरी पर लगाम लगाई, वार्षिक बढ़ोतरी की सीमा 5 प्रतिशत तय

School fee hike: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने तथा प्रशासनिक पहुंच में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। कैबिनेट ने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दी, औद्योगिक रियायतों संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन किया, स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने की स्वीकृति दी तथा जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) और सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को मंजूरी दी।

निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों की फीस वृद्धि पर लगाम
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस में की जाने वाली अनावश्यक और अनुचित बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब कैबिनेट ने ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को लाने को मंजूरी दे दी है।

यह अध्यादेश ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस एक्ट, 2016’ में संशोधन करके लाया गया है।

इस कदम का उद्देश्य फीस वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण रखना, विद्यार्थियों और अभिभावकों को मनमानी फीस बढ़ोतरी से सुरक्षा प्रदान करना, फीसों के ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा उनके हितों की रक्षा करना है।

इन संशोधनों के तहत फीस, फीस वृद्धि और कुल फीस वृद्धि की परिभाषाओं को अधिक स्पष्ट बनाया गया है। साथ ही, निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा वार्षिक फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 5 प्रतिशत तय की गई है। 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने के लिए संबंधित नियामक संस्था की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूंजी सब्सिडी संबंधी दिशानिर्देशों में संशोधन
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में कैबिनेट ने राज्य की औद्योगिक नीतियों के तहत कैपिटल सब्सिडी एवं निवेश प्रोत्साहनों के वितरण के लिए 13 नवंबर 2019 के दिशानिर्देशों में संशोधन को भी मंजूरी दी।

इन संशोधनों का उद्देश्य सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सरल और सुचारु बनाना, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना तथा पात्र औद्योगिक इकाइयों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है।

संशोधित व्यवस्था के अनुसार, दिशानिर्देशों की धारा 1.1 और 1.2 में छूट मिलने के बाद पात्र बनने वाली औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित शर्तों की पूर्ति के आधार पर कैपिटल सब्सिडी जारी की जाएगी।

पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म लागू करने को मंजूरी
राज्य के विभिन्न विभागों के अनेक डेटाबेसों को आपस में जोड़ने, किसी भी दोहराव को समाप्त करने और मौजूदा प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कैबिनेट ने पंजाब में स्टेट डेटा इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म (एसडीआईपी) लागू करने को मंजूरी दी है।

परियोजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन-स्तरीय संचालन समिति गठित की जाएगी।

इस संचालन समिति में पंजाब के मुख्य सचिव चेयरपर्सन होंगे, प्रशासनिक सचिव (गुड गवर्नेंस) मैंबर कनवीनर होंगे तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

दसूहा उपमंडल के लिए एडीसी (जनरल) और सहायक स्टाफ के पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने जिला होशियारपुर के अंतर्गत आने वाले दसूहा उपमंडल के लिए अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) तथा अन्य सहायक स्टाफ के पद सृजित करने को भी मंजूरी दे दी है।

इस निर्णय से क्षेत्र के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें जिला स्तरीय प्रशासनिक कार्यों, अनुमतियों, राजस्व मामलों तथा जन शिकायतों के निपटारे के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी तथा जनहित से जुड़े मामलों का निपटारा भी तेजी से हो सकेगा।

इसलिए जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला होशियारपुर के अंतर्गत दसूहा उपमंडल में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) सहित सहायक स्टाफ के कुल पांच पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें