
SGPC Honours 11 Sikh UPSC Achievers with ₹1 Lakh Each : अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने UPSC 2025 में सफलता हासिल करने वाले 11 सिख युवाओं को सम्मानित करते हुए प्रत्येक को एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने युवाओं को ईमानदारी, निष्पक्षता और सिख सिद्धांतों के अनुरूप देश व समाज की सेवा करने का संदेश दिया।
सिख समुदाय की प्रतिनिधि धार्मिक संस्था, SGPC की इस पहल का उद्देश्य होनहार सिख युवाओं को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे सिख सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए अपने समुदाय और देश की सेवा कर सकें। सम्मानित होने वाले 11 सिख छात्रों में सिमरनदीप कौर, रसनीत कौर, सुनावरदीप सिंह, नवनीत कौर, मनप्रीत कौर, सरब्रज सिंह, हरमनप्रीत सिंह सोढ़ी, जपलीन कौर, जसप्रीत कौर, कंवरपाल सिंह और संदीप सिंह शामिल हैं। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने उच्च-स्तरीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए चुने गए सिख छात्रों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छात्रों की कड़ी मेहनत और उनके माता-पिता के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने आगे कहा कि सफल छात्रों के माता-पिता भी बधाई के उतने ही हकदार हैं। एडवोकेट धामी ने कहा कि सिख संस्था की यह पहल न केवल इन छात्रों की कड़ी मेहनत, समर्पण और उपलब्धियों का सम्मान करती है, बल्कि युवा सिख पीढ़ी को उच्च शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने कहा कि ये छात्र, जिन्होंने ‘गुरमत’ (सिख दर्शन) के सिद्धांतों—जैसे सेवा (निस्वार्थ सेवा), सत्य, विनम्रता और जन कल्याण—से प्रेरणा लेकर प्रशासनिक सेवाओं में कदम रखा है, उन्होंने न केवल अपने माता-पिता और शिक्षकों का मान बढ़ाया है, बल्कि एक ऐसा मुकाम हासिल किया है जो पूरे समुदाय के लिए बड़े सम्मान की बात है।
उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणा है, ताकि वे बड़े लक्ष्य तय कर सकें, दृढ़ संकल्प के साथ कड़ी मेहनत कर सकें और अपनी क्षमताओं को समाज की सेवा में समर्पित कर सकें। शिरोमणि समिति के अध्यक्ष ने उच्च पदों पर आसीन सिख युवाओं से आग्रह किया कि वे सिखों के मूल सिद्धांतों—’किरत करो’ (ईमानदारी से आजीविका कमाना), ‘नाम जपो’ (ईश्वर के नाम का ध्यान करना) और ‘वंड छको’ (अपनी कमाई जरूरतमंदों के साथ बांटना)—के अनुरूप पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से अपने कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प लें। उन्होंने गुरु के चरणों में अरदास की कि ये युवा ‘गुरमत’ से जुड़े रहें और राष्ट्र तथा समाज के कल्याण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाएं।
एडवोकेट धामी ने बताया कि शिरोमणि समिति सिख छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत, चंडीगढ़ स्थित ‘निश्चय एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज एकेडमी’ के माध्यम से हर साल 25 योग्य सिख छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। इस पहल के लिए पूर्व IAS अधिकारियों की सेवाओं का भी लाभ लिया जा रहा है, जो पहले उच्च पदों पर रह चुके हैं। इसी तरह, बहादुरगढ़ (पटियाला) स्थित जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टीट्यूट में हर साल 25 छात्रों को न्यायिक सेवाओं के लिए प्रशिक्षित करने की व्यवस्था है।
एडवोकेट धामी ने बताया कि इन पहलों का उद्देश्य उन होनहार सिख छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण पीछे रह सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि जो छात्र प्रारंभिक परीक्षा पास कर लेते हैं, वे देश के किसी भी शहर में अपनी आगे की तैयारी कर सकते हैं, और शिरोमणि समिति उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। इस बीच, छात्रों और उनके अभिभावकों ने शिरोमणि समिति के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिखों की प्रतिनिधि संस्था द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके लिए अमूल्य है और यह बच्चों को गुरुओं के दृष्टिकोण के अनुरूप समाज सेवा करने के लिए हमेशा प्रेरित करेगा।
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