Last Updated: November 6, 2026

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SGPC 29 अगस्त को कैद सिखों की रिहाई और चढ़दी कला के लिए करेगी अरदास समारोह

August 24, 2026

SGPC 29 अगस्त को कैद सिखों की रिहाई और चढ़दी कला के लिए करेगी अरदास समारोह

अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी 29 अगस्त को गुरु के चरणों में अरदास करके सरकारों से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील करेगी। इसके लिए शिरोमणि कमेटी के मैनेजमेंट वाले ऐतिहासिक गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में सुखमनी साहिब का पाठ करके अरदास की जाएगी।

इस बारे में जानकारी देते हुए शिरोमणि कमेटी के सेक्रेटरी स. बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि यह फैसला शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की लीडरशिप में कल हुई इंटरिम कमेटी की मीटिंग में सभी पदाधिकारियों और मेंबरों ने एकमत से लिया है। उन्होंने बताया कि शिरोमणि कमेटी के मैनेजमेंट वाले सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों में 27 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब शुरू किए जाएंगे, जिनका भोग 29 अगस्त को सुबह 10:00 बजे डाला जाएगा। इसी तरह 29 अगस्त को सुबह 10:00 बजे SGPC के सभी एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, स्कूल और कॉलेजों में श्री सुखमणि साहिब जी के पाठ के बाद सामूहिक प्रार्थना होगी। इस बारे में सभी गुरुद्वारों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को लेटर जारी कर दिया गया है। SGPC सेक्रेटरी ने देश और विदेश की सभी सिख संगत, सिख ऑर्गनाइजेशन और धार्मिक इंस्टीट्यूशन से भी 29 अगस्त को प्रार्थना सभा करने की अपील की।

काहलवां ने कहा कि जेल में बंद सिखों की रिहाई का मुद्दा सिर्फ कुछ लोगों की रिहाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह इंसाफ, ह्यूमन राइट्स और कानून के बराबर इस्तेमाल से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। अपनी सजा पूरी कर चुके कैदियों को दशकों तक जेलों में रखने से उनके परिवारों को भी बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है।

उन्होंने कहा कि SGPC लंबे समय से संवैधानिक और डेमोक्रेटिक तरीके से जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए आवाज उठा रही है। सरदार बलविंदर सिंह काहलवां ने भाई जगतार सिंह हवारा को उनकी बुज़ुर्ग और गंभीर रूप से बीमार माँ की देखभाल के लिए मांगी जा रही पैरोल का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा कि यह चिंता की बात है कि सरकार ने इंसानी संवेदनाओं से जुड़े इस मामले में अभी तक कोई प्रैक्टिकल कदम नहीं उठाया है। इसी तरह भाई बलवंत सिंह राजोआना के मामले में भी सरकारों का अमानवीय रवैया दुखद है। सरकारों को जिद छोड़नी चाहिए और जेल में बंद सिंहों को तुरंत रिहा करना चाहिए।

इस मौके पर OSD सरदार सतबीर सिंह धामी, पर्सनल सेक्रेटरी सरदार शहबाज सिंह, एडिशनल सेक्रेटरी सरदार जसविंदर सिंह जस्सी, डिप्टी सेक्रेटरी सरदार गुरनाम सिंह, सरदार हरभजन सिंह वक्ता, सरदार आजाद दीप सिंह और मैनेजर सरदार राजिंदर सिंह रूबी भी मौजूद थे।

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