राजपुरा: राजपुरा के भोगला गांव में बीती रात एक मामूली पानी की टूटी के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। पड़ोसियों के बीच सरकारी टूटी लगाने को लेकर हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक पक्ष ने 12 बोर की राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। वहीं, जगदीप सिंह, ज्योति और खुशवंत कौर गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक के रिश्तेदार दर्शन सिंह ने बताया कि नल के पानी को लेकर हुए मामूली विवाद में पड़ोसी ने 12 बोर की राइफल से फायरिंग की।
उन्होंने बताया कि इस घटना में उनके परिवार की दो महिलाएं और एक व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार घर पर लगे कैमरों के अलावा किसी अन्य बात को लेकर महिलाओं में बहस शुरू होकर लड़ाई झगड़े में बदल गई, इसके बाद घर के व्यक्ति भी शामिल हो गए। बताया जाता है कि आरोपी अमरिंद्र सिंह सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी करता है, इसलिए अमरिंद्र सिंह के पास लाईसैंसी बारह बोर की बंदूक है। आरोपी ने लाईसैंसी बंदूक से गोली चला दी, जिससे अमरजीत सिंह, जगदीप सिंह, ज्योति, खुशप्रीत कौर गंभीर रुप से घायल होने पर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लेकर आया गया, जहां डाक्टरों ने चैक करने पर अमरजीत सिंह को मृत करार दे दिया।
जबकि गंभीर रुप से घायल तीनों घायलों की हालत की गंभीरता को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया। इस संबंधी खेड़ी गंडिया थाने के एसएचओ स्वर्ण सिंह ने बताया कि पुलिस दर्शन सिंह की शिकायत पर अमरिंद्र सिंह के अलावा उसकी पत्नी दलजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। आरोपी अभी तक फरार हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। सरकारी अस्पताल राजपुरा की एसएमओ सोनिया जंगवाल ने बताया कि राजपुरा में फॉरेंसिक एक्सपर्ट न होने के कारण मृतक अमरजीत सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए पटियाला के राजिंदरा अस्पताल भेजा जा रहा है।

