अमृतसर: पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अगुवाई में श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था आज पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक सिख गुरुधामों की यात्रा के लिए रवाना हुआ। अटारी-वाघा सीमा पर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयघोषों के बीच जत्थे ने अपनी धार्मिक यात्रा की शुरुआत की।
541 श्रद्धालुओं को मिला वीजा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट पाकिस्तान वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 541 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया। जबकि 20 आवेदकों को इस बार वीजा नहीं मिल सका।
19 जून को स्वदेश लौटेगा जत्था
धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि पाकिस्तान में 18 जून को श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस से संबंधित मुख्य धार्मिक समागम आयोजित किए जाएंगे। भारतीय श्रद्धालुओं का यह जत्था विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने के बाद इन समागमों में भाग लेगा और 19 जून को स्वदेश लौटेगा।
इस धार्मिक यात्रा की अगुवाई एसजीपीसी सदस्य भूपिंदर सिंह भलवान कर रहे हैं, जबकि गुरमीत सिंह बाहू को उप-आगू नियुक्त किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु गुरुद्वारा जन्म स्थान ननकाना साहिब, गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब समेत अनेक ऐतिहासिक गुरुधामों में नतमस्तक होंगे।
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श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
श्रद्धालुओं ने इस अवसर को अपने जीवन का यादगार पल बताया। मोगा निवासी मेजर सिंह ने कहा कि वह पहली बार पाकिस्तान स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और उनके परिवार में इस यात्रा को लेकर विशेष उत्साह है। वहीं प्रसिद्ध लेखक एवं समाजसेवी लखविंदर सिंह लखा सलेमपुरी ने कहा कि जिन पवित्र स्थलों के दर्शन की वर्षों से अरदास कर रहे थे, अब वह सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ है।
सिख संगत के लिए यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने और गुरु साहिबान की शिक्षाओं को आत्मसात करने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

