
अमृतसर (पंजाब): पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आज बाढ़ प्रभावित अजनाला विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित लोगों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनीं। अमृतसर ग्रामीण के अध्यक्ष अमरपाल सिंह बोनी अजनाला भी उनके साथ थे।
इस दौरान, जाखड़ ने पंजाब सरकार पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सहायता प्रदान करने में विफल रहने का आरोप लगाया और पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुए भारी नुकसान के लिए सीधे तौर पर उसे ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दौरा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए नहीं, बल्कि सरकार को उसकी ज़िम्मेदारियों की याद दिलाने और बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने के लिए था।
जाखड़ ने कहा, “बाढ़ की भयावहता के कारण भाजपा ने अपने सुविधा शिविर स्थगित कर दिए हैं, क्योंकि हम इस दुख की घड़ी में पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कड़े शब्दों में संबोधित करते हुए कहा, “पंजाब को मत भूलना। यह आपदा पंजाब सरकार की नाकामी का नतीजा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को न तो राशन मिल रहा है, न पानी निकालने के लिए ईंधन और न ही कोई सरकारी मदद। सरकार सिर्फ़ प्रचार में लगी है।”
उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक संगठन, धार्मिक समूह और आम पंजाबी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं, जबकि सरकार पूरी तरह से अप्रभावी साबित हुई है। मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए जाखड़ ने कहा, “अपनी ज़िम्मेदारी लीजिए; बाद में आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
केंद्र सरकार की सहायता और पंजाब सरकार की विफलता
जाखड़ ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार ने पंजाब में आपदा प्रबंधन के लिए आवंटित ₹611 करोड़ में से ₹229 करोड़ जारी कर दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार इन निधियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में विफल रही है। उन्होंने सवाल किया, “यह पैसा कहाँ खर्च किया गया? सरकार ने न तो कोई व्यवस्था की और न ही तैयारी बैठकें कीं।” इस बीच, पंजाब के लोगों को भारी नुकसान हुआ है।
जाखड़ ने सीमावर्ती इलाकों में अनियंत्रित खनन को भी तबाही के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “खनन के कारण तटबंध टूट गए, जिससे पठानकोट, गुरदासपुर और अजनाला निर्वाचन क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पठानकोट से फ़ाज़िल्का तक नालों (जल निकासी चैनलों) की सफाई न होने से बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई।
केंद्र सरकार और हरियाणा मदद के लिए तैयार
जाखड़ ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पंजाब के लोगों के साथ है, क्योंकि पंजाब देश का अभिन्न अंग है। उन्होंने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री केंद्र से किसी भी तरह की सहायता मांग सकते हैं, क्योंकि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार मदद के लिए तैयार है, लेकिन पंजाब सरकार इसे स्वीकार करने में हिचकिचा रही है।
जाखड़ ने घोषणा की कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, वह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अतिरिक्त सहायता का अनुरोध करेंगे। उन्होंने कहा, “आज गरीबों और किसानों को सरकार के सहयोग की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। मुख्यमंत्री मान, अभी भी समय है—आगे बढ़ें और लोगों की मदद करें, वरना नुकसान और बढ़ सकता है।”
किसानों और गरीबों को नुकसान
जाखड़ ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बाढ़ ने धान की फ़सल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है और गेहूँ की बुवाई भी असंभव हो जाएगी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार को अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए और प्रभावितों को तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने से लोगों को खाना नहीं मिलेगा या उनकी मदद नहीं होगी। राहत सामग्री पहुँचाने और पुनर्वास की व्यवस्था करने की ज़रूरत है।”
अंत में, सुनील जाखड़ ने पंजाब सरकार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “जहाँ भी ज़रूरत होगी, मैं वहाँ जाने के लिए तैयार हूँ। भाजपा पंजाब के लोगों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
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