
चंडीगढ़/जालंधर : ईडी-सीबीआई को बड़ा झटका देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच एजैंसियों को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण और अन्य अधिकारियों के विरुद्ध जबरदस्ती कार्रवाई करने से रोक दिया। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी, के लिए निर्धारित की है, जिसमें निर्देश दिया गया है कि इस दौरान कोई जबरदस्ती कदम न उठाए जाएं।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने हाईकोर्ट के 5 अक्तूबर के आदेश से पैदा हुए पंजाब राज्य बनाम निखिल सराफ, विशेष छुट्टी याचिका (सिविल) में यह आदेश पारित किया। बेंच ने सीबीआई को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि इस मामले में कोई जबरदस्ती कदम न उठाए जाएं।
यह आदेश तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की अपील पर सुनवाई की जिसमें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के निर्देशों को चुनौती दी गई थी। अदालत का हस्तक्षेप राजबीर सिंह घुम्मण और अन्यों को ईडी-सीबीआई एफआईआर के तहत जबरदस्ती कार्रवाई पर रोक लगाकर तुरंत राहत देता है।
पंजाब सरकार ने एनफोर्समैंट डायरैक्टरेट (ईडी) द्वारा पंजाब पुलिस के डायरैक्टर जनरल को भेजे गए एक पत्र में उठाए गए आरोपों की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देशों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। राज्य ने हाईकोर्ट के केंद्रीय एजैंसी को जांच सौंपने के फैसले पर सवाल उठाए हैं और निर्देशों के विरुद्ध राहत की मांग की है।