तरनतारन: आम आदमी पार्टी (AAP) ने तरनतारन विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए तैयारियाँ तेज कर दी हैं। पार्टी ने इस सीट की कमान पूर्व विधायक हरमीत सिंह संधू को सौंपी है, जो हाल ही में शिरोमणि अकाली दल को छोड़कर ‘आप’ में शामिल हुए थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संधू को क्षेत्र प्रभारी नियुक्त किया गया है ताकि चुनावी रणनीति को गति दी जा सके।
उम्मीदवार या सिर्फ कार्यकर्ता?
हालाँकि संधू ने ‘आप’ में शामिल होते समय स्पष्ट रूप से कहा था कि वे किसी पद या टिकट की चाह नहीं रखते और एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े हैं, फिर भी राजनीतिक गलियारों में उन्हें तरनतारन से पार्टी का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन उनके प्रभारी बनाए जाने को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं।

पंथिक क्षेत्र में ‘आप’ की रणनीति
तरनतारन विधानसभा क्षेत्र को पंजाब की एक प्रमुख पंथिक सीट माना जाता है, जहाँ धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का राजनीतिक प्रभाव गहरा होता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से ‘आप’ के कश्मीर सिंह सोहिल विधायक चुने गए थे। लेकिन उनके निधन (27 जून 2025) के कारण सीट रिक्त हो गई है। अब पार्टी इस क्षेत्र में एक मज़बूत, स्थानीय और विश्वसनीय चेहरे की तलाश में है और संधू को उस भूमिका में देखा जा रहा है।
संधू का राजनीतिक अनुभव
हरमीत सिंह संधू इससे पहले भी तरनतारन से विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र की जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और लोकप्रियता का लाभ चुनावी मैदान में मिल सकता है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “तरनतारन जैसी संवेदनशील सीट पर एक ज़िम्मेदार और समझदार नेता की ज़रूरत थी और संधू इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं।”