Last Updated: November 6, 2026

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किरायेदारों-नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, फिरनियों पर कूड़ा डालने पर रोक

November 6, 2026

किरायेदारों-नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, फिरनियों पर कूड़ा डालने पर रोक

Tenant, Domestic Help Verification Made Mandatory : मोगा। कानून-व्यवस्था मजबूत करने और सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने दो अहम आदेश जारी किए हैं। अब मकान मालिकों को किरायेदारों और घरेलू नौकरों का पंजीकरण नजदीकी पुलिस थाने में करवाना होगा, जबकि गांवों की फिरनियों पर गोबर-कूड़ा डालने और सड़कों के आसपास मिट्टी खोदने पर प्रतिबंध रहेगा। दोनों आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी इन आदेशों के अनुसार अब जिले के सभी मकान मालिकों को अपने घरों में रखे किरायेदारों और घरेलू नौकरों की पूरी जानकारी नजदीकी पुलिस थाने में दर्ज करवानी होगी। इसके अलावा गांवों की फिरनियों पर कूड़े और गोबर के ढेर लगाने तथा सड़कों के आसपास मिट्टी खोदने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने बताया कि जिले के कई गांवों में फिरनियों यानी गांवों के चारों ओर बनी सड़कों पर लोगों की ओर से गोबर, कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों के ढेर लगाए जा रहे हैं।

इसके कारण सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जे जैसी स्थिति पैदा हो रही है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए ये ढेर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। कई बार सड़क पर गोबर और कचरा होने के कारण वाहन फिसलने से हादसे होने का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही रास्तों को लेकर लोगों के बीच आपसी विवाद और लड़ाई-झगड़े भी पैदा होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों की फिरनियों पर किसी भी प्रकार का कूड़ा, गोबर या अन्य सामग्री डालने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा आम किसानों द्वारा सड़कों के आसपास मिट्टी खोदने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए तहसीलदार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, नायब तहसीलदार और संबंधित थाना प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, दूसरे आदेश के तहत जिले के सभी मकान मालिकों को अपने मकानों में रहने वाले किरायेदारों और काम करने वाले घरेलू नौकरों की जानकारी संबंधित नजदीकी पुलिस थाने में उपलब्ध करवाने तथा उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए किरायेदारों और घरेलू नौकरों का पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकरण करवाना बेहद जरूरी है। इससे पुलिस को किसी भी आपराधिक घटना की जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों की पहचान और जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मकान मालिकों से अपील की कि वे प्रशासन के आदेशों का गंभीरता से पालन करें और किरायेदारों तथा घरेलू नौकरों की जानकारी पुलिस के पास दर्ज करवाने में लापरवाही न बरतें। दोनों निर्देश 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।

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