
मानसा : मैडिकल स्टोर मालक द्वारा गोलियां मारकर कत्ल कर दिए गए एंटी ड्रग टास्क फोर्स के प्रमुख नेता परविंद्र सिंह झोटा की मौत को लेकर दूसरे दिन भी तनावपूर्ण माहौल रहा। शहर के तिनकोनी चौक इंसाफ की मांग को लेकर चल रहे धरने में विभिन्न सियासी गुटों के नेता पहुंचे और पंजाब की कानून व्यवस्था बेहाल होने की बात कहते मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफा व डीजीपी गौरव यादव को बर्खास्त करने की मांग की।दूसरे दिन भी परविंद्र सिंह झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया।
वहीं, निहंग सिंह जत्थेबंदियां व नौजवानों व रोष में आई भीड़ ने शहर में प्रदर्शन करते मुलजिम का एक और घर ग्रीन वैली में जाकर ढाने के लिए धावा बोला, जहां पुलिस का पहले से ही पहरा था, लेकिन भीड़ को मुलजिम का घर कालोनी में नहीं मिला। शहर के तीनकोनी चौक में लगे धरने में बोलते पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री व सदस्य पार्लियामैंट चरणजीत सिंह चन्नी, एमपी अमरिंद्र सिंह राजा वड़िंग, शिरोमणि अकाली दल के नेता बलविंद्र सिंह भूंदड़, अकाली दल (अ) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान, बसपा अवतार सिंह करीमपुरी, भाजपा के प्रांतीय महासचिव मंगतराय बंसल व सीपीआई के पूर्व विधायक हरदेव सिंह अर्शी ने कहा कि परविंद्र सिंह झोटा का सियासी कत्ल हुआ है इसलिए सीधे तौर पर पंजाब सरकार व पुलिस मुखी जिम्मेवारी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में युद्ध नशों विरुद्ध लड़ने का ड्रामा करने वाली सरकार अंदर खाते शह देकर नशा बिकवा रही है, जिस कारण एक दुकानदार ने नशा बिक्री का विरोध करने वाले परविंद्र सिंह झोटा व उसके साथियों पर सरेआम गोलियां चला दी और वारदात के बाद आधा घंटा मुलजिम दुकान में बैठा रहा और उसको भागने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगंवत सिंह मान को इस्तीफा देकर डीजीपी पंजाब को भी तुरंत बर्खास्त करना चाहिए। पूर्व मुख्य मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि एक साजिश रचकर झोटा को पुलिस हितैषियों द्वारा मरवाया गया है जिस की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
उधर, थाना सिटी-2 मानसा की पुलिस ने मृतक परविंद्र सिंह झोटा के पिता फौजी भीम सिंह के बयानों पर दुकानदार अश्वनी कुमार व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य मुलजिम अश्वनी कुमार की गिरफ्तारी होने की पुष्टि की है। संघर्ष कमेटी के नेता एडवोकेट गुरलाभ सिंह माहल ने बताया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफा व डीजीपी पंजाब के बर्खास्त करने तक यह पक्का मोर्चा जारी रहेगा और मृतक परविंद्र सिंह झोटा का अंतिम संस्कार तब तक नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कल 15 अक्तूबर को सुबह से शाम तक पूरा पंजाब इस रोष तहत बंद रहेगा, केवल एमरजैंसी सेवाएं ही बहाल होंगी।
मृतक परविंद्र सिंह झोटा के पिता फौजी भीम सिंह ने कहा कि नशों विरुद्ध लड़ाई अब वह अपने बेटे की जगह पर लड़ेंगे और ना वह झुकेंगे और न ही बिकेंगे। इस दौरान मानसा के सिविल अस्पताल के मुर्दाघर में रखी परविंद्र झोटा की मृतक देह की रक्षा के लिए डटी हुई है। इस मौके धरने पर विजयइंद्र सिंगला, जीतमहिंद्र सिंह सिद्धू, गुरनाम कौर रंधावा, अमृता गिल, पूर्व विधायक तरसेम योद्धा, मनिक गोयल, जसबीर कौर नत ने भी संबोधित किया। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि मुलजिम का घर गैर कानूनी निर्माण होने कारण उसको ढहाया गया है।