Last Updated: October 4, 2026

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भविष्य में शहरों का विकास नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए : Gulab Chand Kataria

March 14, 2026

भविष्य में शहरों का विकास नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए : Gulab Chand Kataria

चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ में करवाए गए ह्यअर्बन इनोवेशन समिट के दौरान अधिकारियों को शीशा दिखाते हुए स्पष्ट किया कि शहरी विकास का असल मकसद सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं, बल्कि नागरिकों की खुशहाली, सुविधा और जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, आम आदमी के सम्मान और शहरी योजनाबंदी की जमीनी हकीकतों पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

राज्यपाल कटारिया ने महात्मा गांधी के हवाले से कहा कि प्रकृति हमारी जरूरतें पूरी कर सकती है पर हमारे लालच को नहीं। उन्होंने सरकारी दफ्तरों और सड़कों पर दिन के समय बेवजह जलती लाइटों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमें सरकारी संपत्ति का नुकसान करने का कोई अधिकार नहीं है । उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें सौर ऊर्जा और अन्य ग्रीन एनर्जी विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना पड़ेगा ताकि बिजली और ईंधन बचाया जा सके।

दिल्ली के दमघोंटू प्रदूषण का उदाहरण देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वाहनों की गिनती इसी तरह बढ़ती रही तो हमारी हालत भी ऐसी ही होगी। उन्होंने लोगों से ट्रैफिक लाइटों पर इंजन बंद करने की अपील की। शहर की बुनियादी प्लानिंग की सराहना करते हुए उन्होंने चंडीगढ़ के निमार्ताओं और इंजीनियरों का धन्यवाद किया। पर साथ ही आज के विकास पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बिल्डरों के दबाव के तहत सड़कों की चौड़ाई 40 फुट से घटाकर 30 फुट करना गलत है।

घरों के बाहर सरकारी जमीन पर बनाए जाते रैंपों पर ऐतराज जताते हुए उन्होंने कहा कि जीरो पॉइंट नियमों की सख्ती से पालना होनी चाहिए । उन्होंने विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीवरेज और पानी की पाइपों का सही नक्शा ना होने के कारण बार-बार सड़कें खोदी जाती हैं और कई बार पीने वाले पानी में सीवरेज का पानी मिल जाता है । पार्कों के बारे में उन्होंने स्पष्ट कहा, यदि आप 10 लाख रुपए लगाकर पार्क बनाते हैं पर उसकी साफ-संभाल की क्षमता नहीं रखते तो वह कूड़ादान बन जाता है। यदि मेंटेन नहीं कर सकते तो ना बनाएं।

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