संगरूर: एसएसपी सरताज सिंह चहल ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुलिस लाइन संगरूर में आयोजित पुलिस शहीदी दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस के जवानों की शहादत हमेशा याद रखी जाएगी। जिन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी शहादत दी। एसएसपी ने कहा कि पंजाब पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है और पंजाब पुलिस ने देश की एकता और भाईचारे की इस सांझ को बनाए रखने के लिए ने बड़ी कुर्बानियां दी हैं। जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस अवसर पर डीसी राहुल चाबा द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
चाहल ने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सेना के हमले में 10 पुलिस जवान शहीद हो गए थे, जिसके उपलक्ष्य में यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देश में कहीं भी अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद हुए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। एसएसपी ने शहीद पुलिस कर्मियों के परिवारों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और वे किसी भी समय आकर अपनी समस्याएं बता सकते हैं और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने शहीद युवाओं के परिवारों की समस्याएं भी सुनीं।
एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को आह्वान किया कि वे शहीदों से मार्गदर्शन लें और लोक सेवा के प्रति ओर भी अधिक समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी निभाए। उन्होंने कहा कि पुलिस आंतरिक सुरक्षा के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करती रहे और पंजाब पुलिस हर मुश्किल घड़ी में शहीदों के परिवारों के साथ खड़ी है। इस अवसर पर, डीएसपी(एच) गुरप्रीत सिंह की अगुवाई में स्लामी दी और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन भी रखा। डीएसपी दिड़बा रुपिंदर कौर बाजपा ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शहीदों के नाम पढ़े। इस अवसर पर एसपी(डी) दविंदर अत्नी, एसपी (पीवीआई) नवरीत सिंह बिर्क, एसपी (एच )राजेश छिब्बर, डीए (लीगल) हरदीप सिंह काहलो के अलावा शहीदों के पारिवारिक सदस्यां, बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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