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राहत पैकेज दिलवाने की बजाय पीड़ितों की लाशों पर सियासी रोटियां सेंकने वालों का चेहरा जल्द बेनकाब होगा: धालीवाल

September 25, 2025

राहत पैकेज दिलवाने की बजाय पीड़ितों की लाशों पर सियासी रोटियां सेंकने वालों का चेहरा जल्द बेनकाब होगा: धालीवाल

अमृतसर/अजनाला: हलका विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्नी पंजाब कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए 20 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष राहत पैकेज केंद्र से दिलवाने और पंजाब के केंद्र पर बकाया 8 हज़ार करोड़ रु पये ग्रामीण विकास फंड समेत 50 हज़ार करोड़ रुपए जीएसटी राहत फंड के लिए मोदी सरकार से आवाज़ बुलंद करने की बजाय, बाढ़ पीड़ितों की दिन-रात सेवा में जुटी मुख्यमंत्नी भगवंत मान सरकार के उल्टा 12 हज़ार करोड़ रुपए एसडीआरएफ फंड की आड़ में बाढ़ पीड़ितों की लाशों, बर्बाद फसलों, उजड़े घरों, बह गए पशुओं और तहस-नहस सरकारी ढाँचे को अनदेखा कर राजनीतिक रोटियाँ सेंकने और राहत कार्यों से ध्यान भटकाने वाली कांग्रेस, भाजपा, अकाली दल आदि विरोधी पार्टियों का बाढ़ पीड़ित विरोधी चेहरा तथ्यों पर आधारित जन बहस के दौरान जल्द ही उजागर होगा।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा बाढ़ पर 26 से 29 सितंबर तक मान सरकार द्वारा बुलाई गई पंजाब विधानसभा की विशेष बैठक में गहन चर्चा हो सकती है। धालीवाल आज हलके में सफाई अभियान के अंतिम पड़ाव के दौरान बाढ़ प्रभावित ऐतिहासिक नगर रमदास में ऐतिहासिक गुरुद्वारा ब्रह्म ज्ञानी समाध बाबा बुढा साहिब मार्ग की सफाई कार्य पूरा करने और रमदास कस्बे के वार्ड नं. 4 में बाढ़ प्रभावित झुग्गी-झोपड़ी वासियों समेत ज़रूरतमंदों में योग और सेवा परिवार (रजि:) के सहयोग से 30-30 फोल्डिंग बेड, कंबल, लोइयाँ और टॉर्च (बैटरी) बाँटने के उपरांत चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित सभी वर्गों के पुनर्वास के तहत जनजीवन को ऊपर उठाने के लिए भगवंत मान सरकार वचनबद्ध है, परंतु अन्नदाता (किसानों) की उन ज़मीनों में, जो पहाड़ों से आई बाढ़ के पानी के साथ दरियाओं में बहकर आए पत्थरों का मलबा, लाल मिट्टी, रेत और गाद से दब चुकी हैं, अगली रबी की फसल की बुआई पंजाब सरकार किसानों के साथ मिलकर एक चुनौती के रूप में ले रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण उपजाऊ मिट्टी बहकर दरियाओं में चली जाने और गाद, मलबे, रेत से भरे खेतों की सफाई कर उन्हें खेती योग्य बनाने के बाद भी उपजाऊ ज़मीन में नाइट्रोजन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की भारी कमी हो जाती है। इसी कारण खेती योग्य बने खेतों में खेती विश्वविद्यालय लुधियाना द्वारा प्रमाणति गेहूँ के बीज को सरकारी स्तर पर और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से उपलब्ध करवाने की बाकायदा योजना बनाई जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत लुधियाना विश्वविद्यालय द्वारा बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि समय पर किसानों को गेहूँ समेत अन्य रबी की फसलों और सब्ज़ियों के बीज उपलब्ध कराए जा सकें। इस मौके पर खुशपाल सिंह धालीवाल, अमनदीप कौर धालीवाल, पीए मुख्तार सिंह बलड़वाल, चेयरमैन बब्बू चेतनपुरा, शहरी प्रधान हरपाल सिंह रमदास, काबिल सिंह पिछया, योग और सेवा परिवार संस्था के पैटर्न विनोद डावर, मुख्य सलाहकार कप्पल चुग, राजकुमार कपूर, एन.के.एच. इंडस्ट्रीज़ के मालिक आदि मौजूद थे।

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