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तीन वर्षों में पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों की नुहार बदली: मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद

April 15, 2025

तीन वर्षों में पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों की नुहार बदली: मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़/खन्ना। कैबिनेट मंत्री और खन्ना के विधायक तरुनप्रीत सिंह सौंद ने क्षेत्र खन्ना के 4 अन्य सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के मौके पर कहा कि तीन वर्षों में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों की नुहार बदल दी, जबकि पिछली सरकारें 70 वर्षों में कुछ नहीं कर सकीं। उन्होंने कहा कि यदि नीयत अच्छी हो, तो सब कुछ संभव है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत, उद्योग एवं वाणिज्य, पूंजी निवेश प्रोत्साहन, श्रम और पर्यटन तथा सांस्कृतिक मामलों के बारे में मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ कार्यक्रम के तहत मंगलवार को क्षेत्र खन्ना के चार सरकारी प्राइमरी, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 34.50 लाख रुपये के बुनियादी ढांचे की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इससे पहले भी क्षेत्र के कई स्कूलों की नुहार बदली जा चुकी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन का सिलसिला जारी रहेगा।

कैबिनेट मंत्री ने जिन 4 स्कूलों में विकास कार्यों का उद्घाटन किया है, उनमें सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बीजा में 9.65 लाख रुपये की लागत से लाइब्रेरी तैयार करवाई गई, 3 लाख रुपये की लागत से स्कूल की चारदीवारी की गई और 1.40 लाख रुपये की लागत से बच्चों के लिए बाथरूम तैयार करवाया गया है। सरकारी हाई स्कूल भुम्मदी में 11 लाख रुपये की लागत से साइंस लैब तैयार करवाई गई है। सरकारी प्राइमरी स्कूल फैजगढ़ में 6.26 लाख रुपये की लागत से कमरा तैयार करवाया गया और 1.25 लाख रुपये की लागत से प्रोजेक्टर पैनल और डेस्क लिए गए हैं। सरकारी प्राइमरी स्कूल कंमा में 1.44 लाख रुपये की लागत से स्कूल की दीवार बनाई गई और बच्चों के लिए बाथरूम पर 50 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।

सौंद ने बताया कि पंजाब में शिक्षा के मानक को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार पूरी तरह वचनबद्ध है। यही कारण है कि तीन वर्षों में पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्रांति के तहत जहां सरकारी स्कूलों पर 2000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, वहीं बच्चों का सुनहरा भविष्य बनाने के लिए शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड जैसे देशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है।

सौंद ने कहा कि देश को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष से अधिक हो गए हैं लेकिन दिन-प्रतिदिन हमारे सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब होती जा रही थी। आज तक किसी भी सरकार ने यह नहीं सोचा कि विद्या के ये मंदिर, जहां पढ़ाई करके हमारे बच्चों का भविष्य संवरना है, उसके सुधार के लिए भी कोई प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सबसे पहले वादा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को बेहतर बनाने का किया था। जिसके तहत अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के बाद अब सरकारी स्कूल भी तरक्की की राह पर नईं कदम रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने गरीब परिवार से उठकर संघर्ष किया। क्लासरूम के बाहर टाट के ऊपर बैठकर पढ़े। बहुत ही कठोर मेहनत करके पढ़ाई की। विदेशों में पढ़े और वकील बनकर भारत पहुंचे। सरकारी नौकरी की, कानून मंत्री बने और दलितों के लिए ढाल बनकर खड़े हुए। इस देश के संविधान के निर्माता बने। सोचिए शिक्षा में कितनी ताकत है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ निजी स्कूलों में ही परिवहन की सुविधा थी, लेकिन अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी यह लाभ उठा रहे हैं। विद्यार्थियों के माता-पिता खुशी महसूस कर रहे हैं कि उन्हें पंजाब सरकार ने सुरक्षित माहौल बनाकर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली किसी सरकार ने शिक्षा के मानक को ऊंचा उठाने के लिए कभी कोई पहल नहीं की, लेकिन हम लोगों के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि नीयत अच्छी हो, तो सब कुछ संभव है।

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