
अमृतसर: वल्र्ड सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स पंजाब के चेयरमैन राजिंदर सिंह मरवाहा, हरपाल सिंह आहलूवालिया, हरदेश दवेसर ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और मांग की कि 2019 से बंद अटारी-वाघा बॉर्डर को खोलने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ये दोनों राष्ट्रीय व राज्य के नेता अमृतसर में आयोजित पाइटैक्स व्यापार मेले में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि पुलवामा घटना के बाद सरकार ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत में निर्यात होने वाले सामान पर 200 फीसदी टैक्स लगा दिया और दूसरी तरफ पाकिस्तान ने आपसी व्यापार पर पाबंदियां लगा दीं। इन फैसलों के कारण दोनों देशों के बीच व्यापार ठप हो गया।
व्यापार बंद होने से अमृतसर के व्यापारी, कारोबारी, ट्रांसपोर्टर, मजदूर व कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जिन्हें पैंतीस हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ष 2019 से पहले प्रतिदिन 300 से 500 ट्रक माल का आयात-निर्यात होता था, जिससे उपरोक्त सभी वर्ग सुख-समृद्धि की स्थिति में थे। अत: आवश्यक है कि दोनों देशों के जिम्मेदार राजनीतिक पदाधिकारी व अधिकारी आपस में बैठकर दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य शर्तें तय करके आपसी व्यापार शुरू करने के लिए ठोस प्रयास करें। दोनों राजनीतिक हस्तियों ने इन मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
मेष: दिन शुभ रहेगा...