
अमृतसर: शनिवार को पहली बार वंदे भारत एक्सप्रैस 16 कोचों के साथ अमृतसर से दिल्ली तक के सफर को रवाना हुई। सुबह 8.20 बजे प्लेटफार्म नंबर 7 पर खड़ी वंदे भारत एक्सप्रैस के ट्रेन मैनेजर (गार्ड) मनोज कुमार ने जैसे ही हरी झंडी दिखाई, उसी समय लोको पायलट (ड्राइवर) एन.के. राजपूत के इशारे से ट्रेन के पहिए ट्रैक पर दौड़ पड़े। उनके साथ अस्सिटैंट लोको पायलट सचिन पर ड्यूटी पर हाजिर थे। ट्रेन का सारा क्रू स्टाफ नई दिल्ली मुख्यालय से संबंधित है। पहले दिन ट्रेन में 1128 सीटों में से 947 सीटों पर यात्रियों ने बैठ अमृतसर से दिल्ली तक सफर तय किया। इससे पहले ट्रेन में सीटों की क्षमता 530 यात्रियों के सफर करने की ही थी। यह ट्रेन अमृतसर से चलकर ब्यास, जालंधर कैंट, फगवाड़ा, लुधियाना और अंबाला रेलवे स्टेशनों पर रुकते हुए दोपहर 1.50 बजे दिल्ली पहुंचती है। करीब डेढ़ साल बाद वंदे भारत एक्सप्रैस में कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 16 की गई है। इससे पहले 6 जनवरी 2024 को अमृतसर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रैस को 8 कोचों के साथ चलाया गया था। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने 12 जुलाई शनिवार को उक्त ट्रेन में कोचों की संख्या को 8 से 16 कर दिया गया।
ट्रेन में 16 कोचों में 14 ए.सी. चेयरकार तथा 2 एग्जीक्यूटिव क्लास के कोच :-
जानकारी के अनुसार 16 कोच होने के बाद वंदे भारत ट्रेन में एक ही समय में 1128 यात्री सफर कर सकेंगे। इस ट्रेन में 14 कोच ए.सी. चेयरकार के हैं। इनमें से कोच संख्या सी-1 तथा सी-14 में 44-44 सीटें हैं, जबकि कोच संख्या सी-2 से कोच संख्या सी-13 तक प्रत्येक कोच में 78 सीटें है। इसके अलावा दो एग्जीक्यूटिव कोच भी है। इसके प्रत्येक कोच में 52 यात्री सफर कर सकते हैं। यानी दोनों एग्जीक्यूटिव कोचों में 104 सीटें मौजूद है।
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