
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) बठिंडा रेंज में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) मेजर सिंह और उसके निजी चालक राम सिंह को 1,05,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी मानसा जिले की तहसील सरदूलगढ़ के गांव रायपुर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर की गई है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने वीबी से संपर्क कर बताया कि एएनटीएफ, टीम मानसा ने उसके बेटे और अन्य के खिलाफ मोहाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच के दौरान एएसआई मेजर सिंह उसकी दुकान पर आया और उसे कहा कि उसके बेटे की गिरफ्तारी के बाद उसकी तलाशी (जामतलाशी) के दौरान पुलिस के पास रखा सोना छोड़ दे और इस काम के बदले में 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि रिश्वत की राशि कम करने के लिए कहने पर उक्त ड्राइवर राम सिंह ने अपने लिए 5,000 रुपये और अपने मालिक (एएसआई) के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगते समय आरोपी की बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया है और सबूत के तौर पर वीबी को सौंप दिया है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, वीबी टीम ने जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 1,05,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उपरोक्त एएसआई मेजर सिंह और उसके निजी ड्राइवर राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत वीबी पुलिस स्टेशन बठिंडा रेंज में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की आगे की जांच जारी है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...