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किसान के बेटे ‘Vishnu Sharma’ ने बनाई कैंसर की दवा, NCCS -Pune ने दी हरी झंडी

January 10, 2025

किसान के बेटे ‘Vishnu Sharma’ ने बनाई कैंसर की दवा, NCCS -Pune ने दी हरी झंडी

Vishnu Sharma Cancer Medicine : कैंसर एक ऐसी बिमारी जो साल दर साल अपनी जड़ें फैला रही है। भारत में भी यह बहुत तेजी से फ़ैल रहा है और हर साल दुनिया भर में बहुत बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गवांते है। लेकिन राजस्थान के एक छोटे से गांव नांगल- लोटवाड़ा के रहने विष्णु शर्मा ने एक ऐसी आयुर्वेदिक दवा, एक ऐसा फार्मूला तैयार किया है जिससे कैंसर से पीड़ित सैंकड़ो मरीजों ने अभी तक इस जानलेवा बिमारी से छुटकारा पाया है। यह आयुर्वेदिक दवा भिन्न-भिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों के मिश्रण से तैयार की गई है और इसका वैज्ञानिक विधि से सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी विष्णु शर्मा को उनके आविष्कार के लिए सम्मानित कर चुकी है।

यहां से मिली हरी झंडी-
विष्णु शर्मा द्वारा बनाई गई इस दवा को NCCS -PUNE ने हरी झंडी दे दी है। यही नहीं NBA & MD Anderson Houston (USA) ने भी इस दवा को पास कर दिया है। National Innovation Foundation की ओर से शर्मा को ट्रॉफी और प्रशंसा पत्र दिया गया। उन्हें कैंसर की दवा खोजने के लिए यह पुरस्कार दिया गया था।

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यहां से इकट्ठी की जड़ीबूटियां-
विष्णु शर्मा कुछ जड़ीबूटियां जंगल से लाते है तो कुछ अपने खेत से, वहीं कई ऐसी जड़ीबूटियां भी है जो वह बाजार से लेकर आते है। इन सभी जड़ीबूटियों को मिलाकर ही तैयार होती है कैंसर की दवा।

फिर कभी नहीं हुआ कैंसर-
चौथी स्टेज के कैंसर को सबसे अधिक खतरनाक माना जाता है। चौथी स्टेज में जाने के बाद व्यक्ति भगवान भरोसे ही जीता है। लेकिन विष्णु शर्मा उनके लिए एक उम्मीद की किरण बनकर सामने आए है। विष्णु शर्मा का दावा है की अभी तक हजारों लोग उनके द्वारा बनाई गई दवा से ठीक हो चुके है। इलाज करवाने वाले सबसे पहले व्यक्ति का कैंसर ठीक हो गया था और दोबारा उसे कैंसर की कोई शिकायत नहीं हुई।

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सिर्फ B.A. पास है विष्णु शर्मा-
राजस्थान के गांव नांगल- लोटवाड़ा में विष्णु शर्मा का जन्म हुआ। अपने शुरूआती जीवम में उन्होंने बहुत ही गरीबी का सामना किया। दसवीं तक पढ़ने के बाद उनके पिता ने उनका विवाह भी जल्दी करवा दिया, जिससे वह छोटी उम्र में ही पारिवारिक जिम्मेदारियों में फंस गए। Rajasthan University (RU) से B.A. पास करके उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी।

पत्नी का मिला साथ-
दवा के आविष्कारक विष्णु शर्मा की पत्नी का उन्हें भरपूर साथ मिला। उनकी पत्नी जंगलों से जड़ीबूटियां लाने में उनकी सहायता करती थी। विष्णु शर्मा ने सबसे पहले एक दन्त मंजन बनाया जो मुँह के कैंसर के लिए लाभदायक साबित हुई। इससे विष्णु शर्मा की उम्मीदें बढ़ने लगी। इसके बाद उन्होंने जंगल जाकर और भी अधिक जड़ीबूटियों पर काम किया जिसके फलस्वरूप आज कैंसर जैसी गंभीर बिमारी की दवा बनाने में सफलता हासिल की।

 

 

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