चंडीगढ़: पंजाब में नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू किए गए ‘युद्ध नाशियां विरुद्ध’ अभियान को लगातार 15वें दिन भी जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने शनिवार को 557 स्थानों पर छापेमारी की, जिसके अंतर्गत राज्य भर में 72 एफआईआर दर्ज करके 114 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही, 15 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 1936 तक पहुंच गई है।
छापेमारी के परिणामस्वरूप गिरफ्तार नशा तस्करों के कब्जे से 945 ग्राम हेरोइन, 43 किलोग्राम चूरापोस्त, 3098 नशीली गोलियां/गोलियां/इंजेक्शन और 76310 रुपये ड्रग मनी बरामद की गई है।
यह अभियान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ चलाया गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस आयुक्तों, उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को आगामी तीन महीनों में पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए कहा है।
पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया है। इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि 103 राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में 1600 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 250 से अधिक पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में छापेमारी की और दिन भर चले अभियान के दौरान 592 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की।
विशेष डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य से नशीले पदार्थों के उन्मूलन के लिए तीन-आयामी रणनीति – प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) को लागू किया है, पंजाब पुलिस ने ‘नशामुक्ति’ के हिस्से के रूप में दो व्यक्तियों को नशामुक्ति और पुनर्वास उपचार के लिए राजी किया है, जबकि रोकथाम के हिस्से के रूप में राज्य भर में 127 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
ये भी पढ़ें- IPL इतिहास में ऐसा करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने रोहित शर्मा, जानिए नंबर 1 पर कौन?