
चंडीगढ़/जालंधर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गैंगस्टरों, नशा तस्करों और राज्य की शांति भंग करने का प्रयास करने वाले तत्वों को तल्ख अंदाज में कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह कायम है और अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। उन्होंने विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप दौड़ सकते हैं, लेकिन कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते। पंजाब पुलिस सीमा पार जाकर गैंगस्टरों का पीछा कर उन्हें कानून के कटघरे में ला रही है।
मोल्दोवा गणराज्य से भगौड़े अपराधी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दालम के हवालगी में सफलता हासिल करने वाली एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एस.पी. बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व वाली पंजाब पुलिस टीम को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब की शांति और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है और विदेशों से 10 भगौड़ों को वापस लाया गया है।
वहीं, नशा तस्करों के खिलाफ 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 366 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस को हाईटैक एंटी-ड्रोन प्रणालियों से लैस किया गया है तथा 1.5 लाख लोगों की भागीदारी वाली ग्रामीण रक्षा समितियों का गठन किया गया है। अपने एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गैंगस्टरों के लिए अब कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। चाहे वे पंजाब में छिपे हों, भारत के किसी अन्य हिस्से में या हजारों किलोमीटर दूर यूरोप में, पंजाब पुलिस उन्हें तलाश कर रहेगी।
उन्होंने कहा कि अपराधी अपने ठिकाने, पासपोर्ट और पहचान बदल सकते हैं, लेकिन हमेशा के लिए कानून से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि अमृत दालम का हवालगी संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब की निरंतर मुहिम में एक बड़ी उपलब्धि है और यह राज्य सरकार के ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत दालम जग्गू भगवानपुरिया गैंग का प्रमुख कार्यकर्त्ता था और हत्या, हत्या के प्रयास, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए, आर्म्स एक्ट तथा नशीले पदार्थों से संबंधित कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था।
मेष: दिन शुभ रहेगा...