
यह पहल नैबकिसान फाइनेंस लिमिटेड और नैबफाउंडेशन के सहयोग से शरण फाउंडेशन द्वारा चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आय अर्जित करने के स्थायी साधन उपलब्ध करवाना है। इस पहल के तहत प्रत्येक परिवार को चार बकरियां और एक बकरा दिया गया। इस प्रकार पांच परिवारों को कुल 20 बकरियां और पांच बकरे प्रदान किए गए। इससे लाभार्थी परिवारों को बकरी पालन का काम शुरू करने और भविष्य में इसे नियमित आय के स्रोत के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर शरण फाउंडेशन के अध्यक्ष अमृतपाल सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट ‘प्रगति’ गांव जोगेवाला और काहन सिंह वाला में लागू किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों की जरूरतों और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आय आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बकरी पालन सीमित संसाधनों वाले परिवारों के लिए आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।
पशुओं की उचित देखभाल, पौष्टिक आहार और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाकर परिवार इससे लंबे समय तक आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और बाहरी सहायता पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। अमृतपाल सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत लाभार्थियों को बकरियों की देखभाल, संतुलित आहार, साफ-सफाई, बीमारियों की रोकथाम और समय पर टीकाकरण संबंधी जानकारी व मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे इस काम को व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से चला सकें।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट ‘प्रगति’ केवल पशुपालन तक सीमित नहीं है। इसके अंतर्गत पोल्ट्री, पोषण बगीचों, प्राकृतिक खेती, बागवानी, मिट्टी की सेहत सुधारने, जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस मौके पर लाभार्थी परिवारों ने नैबकिसान फाइनेंस लिमिटेड, नैबफाउंडेशन और शरण फाउंडेशन का आभार जताया। कार्यक्रम में गांव की पंचायत, परियोजना के फील्ड अधिकारी जगदीप सिंह महेशरी, मनप्रीत सिंह, गांव के गणमान्य व्यक्ति और लाभार्थी परिवार उपस्थित रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...