
मुंबई: क्रिकेट के मैदान पर अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों से भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने वाले दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर के सम्मान में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मुंबई स्थित अपने मुख्यालय में एक विशेष बोर्ड रूम “10000 गावस्कर” का उद्घाटन किया। यह कदम गावस्कर के खेल जीवन की उपलब्धियों को सलाम करने और उनकी अनमोल धरोहर को आगामी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
बीसीसीआई मुख्यालय में आयोजित इस समारोह में भारतीय क्रिकेट के प्रमुख अधिकारी, जैसे बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया भी मौजूद थे। उद्घाटन समारोह के दौरान बीसीसीआई ने एक विशेष वीडियो भी साझा किया, जिसमें गावस्कर की यात्रा को दर्शाते हुए उनके क्रिकेट करियर के शानदार पल दिखाई गए।
-गावस्कर का विशेष संदेश:
इस मौके पर सुनील गावस्कर ने भावुक होते हुए कहा, “एमसीए मेरी मां है और बीसीसीआई मेरा पिता है। भारतीय क्रिकेट के योगदान ने मुझे जो कुछ भी दिया है, मैं उसे शब्दों में नहीं व्यक्त कर सकता। यह मेरे लिए एक बड़ा सम्मान है कि बीसीसीआई ने मुझे इस सम्मान का पात्र समझा।” गावस्कर ने आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट में योगदान देने के लिए वह हमेशा तत्पर रहेंगे, चाहे उनकी उम्र कोई भी हो।
-एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड:
गावस्कर क्रिकेट इतिहास के पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन बनाने का असाधारण कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने 125 टेस्ट मैचों में 51.12 की औसत से कुल 10,122 रन बनाए, जिनमें 34 शतक भी शामिल थे। उनके इस रिकॉर्ड ने न केवल भारतीय क्रिकेट को गौरवान्वित किया, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को प्रेरणा दी।
गावस्कर के वनडे करियर में भी उल्लेखनीय सफलता रही, जहां उन्होंने 108 वनडे मैचों में 3092 रन बनाए। हालांकि, उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड तब था जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया, जिसे बाद में सचिन तेंदुलकर ने तोड़ा।
-बीसीसीआई का सम्मान:
बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस अवसर पर कहा, “यह सचमुच भारतीय क्रिकेट के दो महान खिलाड़ियों सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर को समर्पित है। उनके योगदान के बिना भारतीय क्रिकेट की कहानी अधूरी है। उनकी विरासत भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
बीसीसीआई मुख्यालय में पहले से ही सचिन तेंदुलकर के नाम पर एक समर्पित ‘सचिन तेंदुलकर रूम’ है, और अब गावस्कर के योगदान को याद रखने के लिए नया ‘10000 गावस्कर’ रूम उनकी महानता को सम्मानित करने के रूप में स्थापित किया गया है।
-आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा:
यह नया रूम केवल एक संग्रहालय नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के गौरवमयी इतिहास की यादों को संजोए रखने और उन खिलाड़ियों को प्रेरित करने का एक स्थल है जो भविष्य में इस खेल में अपनी छाप छोड़ने का सपना देख रहे हैं। यह आयोजन यह भी दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट, अपने महान खिलाड़ियों को न केवल खेल के मैदान पर बल्कि उनके योगदान को सम्मानित करने के रूप में हमेशा याद रखेगा।
गावस्कर के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का इतिहास उनके जैसे महान खिलाड़ियों के बिना अधूरा रहेगा। “10000 गावस्कर” रूम भारतीय क्रिकेट का वह स्थायी प्रतीक बनेगा, जहां भविष्य के खिलाड़ी अपने आदर्शों और प्रेरणा के रूप में एक महान खिलाड़ी की यात्रा से जुड़ सकेंगे।
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