Afghanistan Coach Richard Pybus: अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में मिली 7 विकेट की हार के बाद टीम की बल्लेबाजी को लेकर निराशा जाहिर की। अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए थे। पायबस के मुताबिक, इस पिच पर उनकी टीम का स्कोर करीब 200 रन होना चाहिए था।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पायबस ने कहा कि 200 रन का स्कोर गेंदबाजों को मुकाबले में बने रहने का मौका देता। उन्होंने अपनी गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि मोहम्मद नबी और नूर अहमद ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन टीम ऐसा स्कोर नहीं बना सकी जिसका बचाव किया जा सके। उन्होंने पिच को बल्लेबाजी के लिए काफी अच्छी बताया।
पायबस ने पावरप्ले में टीम की गेंदबाजी को भी कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने शुरुआती 6 ओवर में करीब 80 रन बना लिए थे, जिससे अफगान गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया। उनके अनुसार नबी ने दो अच्छे ओवर किए, लेकिन बाकी गेंदबाज उस तरह का दबाव नहीं बना सके जिसकी टीम को जरूरत थी। उन्होंने यह भी माना कि इस विकेट पर टॉस की भूमिका महत्वपूर्ण थी और दोनों परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी था।
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राशिद खान की बल्लेबाजी से पायबस काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने बताया कि राशिद इस समय ऑलराउंडर की भूमिका में खेल रहे हैं और टीम के पास तीन ऑलराउंडर मौजूद हैं। राशिद ने इस मुकाबले में 16 गेंदों पर 28 रन की तेज पारी खेली। कोच ने कहा कि टीम आगे यह भी देखेगी कि क्या राशिद को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया जा सकता है।
अफगानिस्तान के कोच ने टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना सीखने का अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के पास भारत में खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है और बड़े स्टेडियम व शीर्ष खिलाड़ियों के सामने खेलना उनके लिए बड़ा अवसर है। पायबस के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों को संभालना सीखना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मानसिक पहलू का हिस्सा है और यह अनुभव के साथ बेहतर होता है।
पायबस ने टीम के टॉप ऑर्डर और खास तौर पर रहमानुल्लाह गुरबाज के प्रदर्शन पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इब्राहिम जादरान ने इस मैच में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन टीम को स्ट्राइक रेट में सुधार की जरूरत है। गुरबाज को उन्होंने टीम का आमतौर पर सबसे आक्रामक टॉप ऑर्डर बल्लेबाज बताया और उम्मीद जताई कि वह अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लिए बड़ी चुनौती युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटरों के रूप में तैयार करना है। पायबस के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा खिलाड़ी बनना और लगातार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करना अलग-अलग बातें हैं। टीम को टी20 क्रिकेट में लगातार सुधार करते हुए इस अंतर को कम करने की जरूरत है।
पायबस ने भारत और अफगानिस्तान के बीच बल्लेबाजी में अंतर की एक वजह आईपीएल को भी बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाजों को इस तरह की पिचों पर खेलने का काफी अनुभव है और उनका खेल ऐसी परिस्थितियों में विकसित हुआ है। वहीं, अफगानिस्तान में उच्च गुणवत्ता वाली विकेटों की कमी है। उनके मुताबिक, टीम को पावरप्ले में अपनी स्ट्राइक पावर बढ़ाने और शुरुआती छह ओवर में बेहतर स्कोर बनाने पर काम करना होगा।
हेड कोच ने बताया कि अफगानिस्तान का औसत पावरप्ले स्कोर करीब 45 रन है और आने वाले समय में इसमें सुधार करना टीम की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास खिलाड़ियों का काफी गहरा पूल है, जबकि अफगानिस्तान में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं, लेकिन टीम को अपनी बेंच स्ट्रेंथ और खिलाड़ियों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार काम करना होगा।
अफगानिस्तान में सीरीज की मेजबानी के बावजूद पायबस ने कहा कि घरेलू मुकाबलों के लिए पिच को किसी एक टीम के मुताबिक तैयार करने के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाली क्रिकेट विकेट बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट के लिए ऐसी पिचें जरूरी हैं, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को अपना कौशल दिखाने का अवसर मिले।
पायबस ने यह भी सुझाव दिया कि अफगानिस्तान घरेलू मैदानों पर बेहतर और लगातार अच्छी परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय क्यूरेटर की मदद लेने पर विचार कर सकता है। उनके मुताबिक, अच्छी गुणवत्ता वाली मैच और अभ्यास पिचें खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं और इससे अफगानिस्तान के व्हाइट-बॉल क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।