
अहमदाबाद: भारत के बहुप्रतीक्षित त्यौहार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2023 की शुरुआत शुक्रवार को गत चैंपियन गुजरात टाइटंस और महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबले के साथ होगी। आईपीएल को सबसे पहले भारत का त्यौहार 2015 में सामने आये थीम सॉन्ग में कहा गया था और ऐसा हो भी क्यों न। जिस देश में सचिन तेंदुलकर को पूज्य माना जाता है और क्रिकेट को धर्म की तरह स्वीकारा गया है, वहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सितारों से सजी लीग को त्यौहार सरीखा क्यों न मनाया जाए? इस टूर्नामैंट का आगाज पहले टी-20 विश्व कप (2007) के 7 महीने बाद 18 अप्रैल 2008 को हुआ। करीब एक माह तक रोमांच और उत्साह से भरे मैचों के बाद हुए एक जून को आयोजित फाइनल में प्रतिभावान युवाओं से सजी राजस्थान रॉयल्स ने पहला आईपीएल खिताब जीतकर इस टूर्नामैंट के साथ इंसाफ किया।
आईपीएल की शुरुआत का एक कारण यह भी था कि बीसीसीआई देश में छुपी युवा प्रतिभाओं को बाहर लाना और उन्हें बड़े मंच पर निखारना चाहता था। रॉयल्स की जीत ने कहीं न कहीं आईपीएल के इस मकसद को पूरा कर दिया। इस विषय पर बहस की जा सकती है कि आईपीएल के बाद भारत एक बार भी टी-20 विश्व कप नहीं जीत सका, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि टूर्नामैंट ने रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह से लेकर ऋषभ पंत और अर्शदीप सिंह जैसे सितारों को चमकने का मौका दिया। टाइटंस और सुपर किंग्स की जंग से शुरू होने वाला सीजन भी भारतीय क्रिकेट को निश्चित ही भविष्य के कुछ जुगनू सौंपेगा। यह भी तर्कसंगत है कि गत चैंपियन टाइटन्स और धोनी के सुपर किंग्स इस टूर्नामैंट का आगाज करेंगे। सुपर किंग्स भले ही सबसे ज्यादा ट्रॉफियां जीतने के मामले में मुंबई इंडियन्स से पीछे हो, लेकिन उसने सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचकर इस लीग को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल हालांकि इस टीम को टाइटन्स के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हार मिली थी। इस बार धोनी के धुरंधर पहले मैच में ही टाइटन्स को हराकर अपने अभियान की जोरदार शुरुआत करना चाहेंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...