Ishan Kishan: विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अपनी कप्तानी में झारखंड को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब दिलवाया है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान बतौर कप्तान और खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करने वाले ईशान गुरुवार को हरियाणा के खिलाफ हुए फाइनल में शतक लगाकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। अपनी घरेलू टीम को चैंपियन बनाने के बाद ईशान किशन ने पहली बार भारतीय टीम से बाहर रहने पर चुप्पी तोड़ी है।
चयन नहीं हुआ तो लगा बुरा
ईशान किशन ने कहा, “मैं अच्छा प्रदर्शन कर रहा था, इसलिए जब मेरा चयन भारतीय टीम में नहीं हुआ, तो मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने सोचा कि शायद मुझे और मेहनत करनी होगी। मुझे अपनी टीम को जीत दिलानी होगी। हमें एक टीम के रूप में अच्छा करना होगा। निराशा पीछे ले जाएगी, इसलिए हमेशा कड़ी मेहनत जारी रखनी होगी और खुद पर भरोसा बनाए रखना होगा। मेरा काम बस अच्छा प्रदर्शन करते रहना है।”
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टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर
ईशान ने अपनी कप्तानी में झारखंड को चैंपियन ही नहीं बनाया है, बल्कि वे टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर भी रहे हैं। ईशान ने 10 मैचों की 10 पारियों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाते हुए 197.32 की स्ट्राइक रेट से 517 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 113 रहा। टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का चयन संभवत: शनिवार को होगा। ईशान विकेटकीपर के साथ ही ओपनर और मध्यक्रम बल्लेबाज का विकल्प देते हैं। देखना होगा कि उन्हें टीम में वापसी का मौका मिलता है या नहीं।
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राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतजार
भारतीय टीम के लिए 2 टेस्ट, 27 वनडे और 32 टी20 मैच खेल चुके ईशान एशिया कप 2023 जीतने वाली और वनडे विश्व कप 2023 का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया के सदस्य रहे थे। नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। यह टी20 मुकाबला था। इसके बाद से ही किशन को भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। पिछले 2 साल से घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बना रहे किशन को राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतजार है।

