Jeet Rawal: भारतीय मूल के न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज जीत रावल ने पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 38 साल के रावल ने आखिरी बार जनवरी 2020 में न्यूजीलैंड के लिए खेला था।
रावल का जन्म 22 सितंबर 1988 को अहमदाबाद, गुजरात में हुआ था। उनके पिता का सपना था कि रावल एक दिन न्यूजीलैंड की तरफ से क्रिकेट खेलें। इसी सपने को पूरा करने के लिए रावल का परिवार न्यूजीलैंड शिफ्ट हो गया। रावल न्यूजीलैंड अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे और घरेलू क्रिकेट में ऑकलैंड और नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स (एनडी) टीम के लिए खेले।
न्यूजीलैंड के लिए खेलना सपना
नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स क्रिकेट एसोसिएशन को दिए इंटरव्यू में रावल ने कहा कि न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना उनका और उनके पिता का बचपन का सपना था। इसे पूरा करने का मौका देने के लिए उनके पिता पूरे परिवार को न्यूजीलैंड ले गए थे। “यह फैसला लेते हुए मुझे गर्व और संतुष्टि महसूस हो रही है। ब्लैककैप्स के लिए खेलना मेरा और मेरे पिता का सपना था। मुझे यह मौका देने के लिए उन्होंने पूरे परिवार को न्यूजीलैंड शिफ्ट करने का बड़ा कदम उठाया।”
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न्यूजीलैंड शिफ्ट होने से पहले भारत में अपने स्कूल के दिनों में रावल भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल के साथ विद्यानगर स्कूल में क्रिकेट खेलते थे। दोनों पारी की शुरुआत करते थे।
28 साल की उम्र में डेब्यू
नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स के क्रिकेट के जनरल मैनेजर इयान सैंडब्रुक ने कहा कि रावल टीम के लिए अनुभवी खिलाड़ी और शानदार लीडर रहे हैं। उनके रन, विकेट और शांत नेतृत्व की कमी खलेगी। उन्होंने रावल को बेहतरीन टीममेट और भरोसेमंद खिलाड़ी भी बताया।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने नवंबर 2016 में 28 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट मैचों में डेब्यू किया था। वह न्यूजीलैंड के लिए 24 टेस्ट खेले। टेस्ट मैचों की 39 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 1,143 रन बनाए। वनडे और टी20 में न्यूजीलैंड की तरफ से डेब्यू का मौका उन्हें नहीं मिला।
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रावल का क्रिकेट करियर
रावल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर छोटा रहा, लेकिन वह न्यूजीलैंड के घरेलू क्रिकेट का बड़ा चेहरा रहे। 164 प्रथम श्रेणी मैचों में 24 शतक और 50 अर्धशतक की बदौलत उन्होंने 10,432 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर 256 रहा। 96 लिस्ट ए मैचों में 4 शतक और 13 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 2,714 रन बनाए और 76 टी20 मैचों में 8 अर्धशतक लगाते हुए उन्होंने 1,484 रन बनाए।
क्रिकेट से संन्यास के बाद वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के रूप में काम जारी रखेंगे। वे पहले से एक ऑडिटिंग फर्म में सीए हैं।

