दिल्ली: आलोचनाओं से घिरे भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टैस्ट श्रृंखला में मिली करारी हार के बाद उनके भविष्य पर फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को करना है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में टीम ने कितनी सफलता हासिल की है। गंभीर ने मैच के बाद प्रैस कॉन्फ्रैंस में कहा, ‘मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। मैंने अपनी पहली प्रैस कांफ्रैंस में भी कहा था जब मैं मुख्य कोच बना था। भारतीय क्रिकेट अहम है, मैं नहीं। आज भी मैं वही बात कह रहा हूं।’ उन्होंने कहा,‘लोग भूल जाते हैं लेकिन मैं वही व्यक्ति हूं जिसने युवा टीम के साथ इंगलैंड में आपको अनुकूल परिणाम दिलाए।
मुझे यकीन है कि आप जल्दी ही भूल जाओगे क्योंकि अधिकांश लोग न्यूजीलैंड (पिछले महीने भारत में 0-3 से मिली हार) के बारे में बात करते रहते हैं। मैंने चैम्पियंस ट्रॉफी और एशिया कप में भी जीत दिलाई है।’ उन्होंने कहा, ‘आप किसी एक व्यक्ति या किसी ख़ास शॉट को दोष नहीं दे सकते। दोष सबका है। मैंने कभी किसी एक व्यक्ति को दोष नहीं दिया और आगे भी ऐसा नहीं करूंगा। हमें बेहतर खेलना होगा । एक विकेट पर 95 रन से सात विकेट पर 122 रन स्वीकार्य नहीं है।?टैस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको बेहद तेजतर्रार और प्रतिभाशाली क्रिकेटरों की जरूरत नहीं है।
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