खेल डेस्क। भारतीय क्रिकेटर राहुल चाहर ने अपनी फैशन डिजाइनर वाइफ इशानी से तलाक ले लिया है। 22 की उम्र में शादी करने वाले राहुल ने कम उम्र में शादी का दर्द सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बयां किया है। चाहर ने महज 22 साल की उम्र में शादी करने का फैसला लिया था। मार्च 2022 में दोनों ने गोवा में शादी की थी। लेकिन फरवरी 2026 में उनका तलाक हो गया। यानी शादी लगभग साढ़े तीन साल ही चल पाई।
राहुल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने कम उम्र में शादी कर ली थी, उस समय वे खुद को, अपनी प्राथमिकताओं को और अपनी जिंदगी के लक्ष्यों को पूरी तरह नहीं समझ पाए थे। पिछले 15 महीनों में उन्हें कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े और इस दौरान उन्होंने धैर्य, हिम्मत और आत्मबल सीखा। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस रिश्ते को गुस्से या पछतावे के साथ खत्म नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसे एक सीख मानकर आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार कुछ रिश्ते हमेशा के लिए नहीं होते, बल्कि वे हमें सिखाने और मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
बेंगलुरु की रहने वाली हैं ईशानी?
ईशानी जोहर, जिन्हें अक्सर सिर्फ ईशानी के नाम से जाना जाता है, बेंगलुरु में रहने वाली एक फैशन डिजाइनर हैं, जो मूल रूप से राजस्थान के जयपुर से हैं। उन्होंने अपने डिजाइनों में पारंपरिक भारतीय सौंदर्यशास्त्र और आधुनिक शैली से अलग पहचान बनाई है।
कम उम्र की शादियों में तलाक का खतरा ज्यादा क्यों?
अमेरिका के Institute for Family Studies (IFS) और अन्य शोध बताते हैं कि 25 साल से कम उम्र में होने वाली शादियों में तलाक की संभावना ज्यादा होती है। रिसर्च के अनुसार 28 से 32 साल की उम्र के बीच शादी करने वाले लोगों में रिश्ता ज्यादा स्थिर रहता है। 20 से 24 साल की उम्र में व्यक्ति का व्यक्तित्व पूरी तरह विकसित नहीं होता। करियर और आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं होती। जीवन के लक्ष्य और प्राथमिकताएं बदलती रहती हैं। पार्टनर्स के बीच समझ और धैर्य की कमी हो सकती है।
रिश्ते क्यों टूटते हैं?
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, शादी के शुरुआती सालों में रिश्ता टूटने का बड़ा कारण अवास्तविक उम्मीदें (Unrealistic Expectations) होती हैं।
-सोशल मीडिया देखकर परफेक्ट शादी की उम्मीद करना
-शुरुआती आकर्षण (Infatuation) को सच्चा और स्थायी प्यार समझ लेना
-पार्टनर को बदले बिना स्वीकार न कर पाना
-जिम्मेदारियों के लिए मानसिक रूप से तैयार न होना
-विशेषज्ञ कहते हैं कि शादी के 3 से 5 साल बाद कई जोड़े “Disillusionment Phase” से गुजरते हैं। इस समय असली जिंदगी की चुनौतियां सामने आती हैं और रिश्ता परीक्षा से गुजरता है।
शादी के लिए सही उम्र क्या है?
भारत में Tata Institute of Social Sciences (TISS) जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ मानते हैं कि शादी के लिए केवल उम्र ही सबसे महत्वपूर्ण कारक नहीं है।
-भावनात्मक परिपक्वता (Emotional Maturity) – क्या आप गुस्से, मतभेद और तनाव को संभाल सकते हैं?
-आर्थिक स्वतंत्रता (Financial Independence) – क्या आप जिम्मेदारियों को निभाने में सक्षम हैं?
-स्पष्ट जीवन लक्ष्य – क्या आप जानते हैं कि आने वाले 5-10 साल में क्या करना चाहते हैं?
-आपसी समझ और संवाद – क्या आप खुलकर बात कर सकते हैं?
-विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आप शादी को लेकर असमंजस में हैं तो प्री-मैरिटल काउंसलिंग जरूर कराएं। इससे आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे को बेहतर समझने का मौका मिलता है।
कम उम्र में शादी से क्या सीख मिलती है?
राहुल चाहर के अनुभव से यह समझ आता है कि शादी सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। खुद को समझे बिना बड़ा फैसला लेना मुश्किल पैदा कर सकता है। हर रिश्ता सफल हो, यह जरूरी नहीं; लेकिन हर रिश्ता कुछ सिखाकर जरूर जाता है।

