लीड्स Sachin Tendulkar: भारत 20 जून से शुरू होने वाली हाई-स्टेक टेस्ट सीरीज़ में इंग्लैंड का सामना करने के लिए तैयार है, वहीं विराट कोहली , रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों की चौंकाने वाली रिटायरमेंट की घोषणाओं ने व्यापक बहस छेड़ दी है। जहां प्रशंसक एक युग के अंत का शोक मना रहे हैं, वहीं दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक जमीनी दृष्टिकोण पेश किया, जिसमें भारतीय क्रिकेट में पीढ़ीगत बदलावों की स्वाभाविक प्रगति पर जोर दिया गया ।
तेंदुलकर ने इस घटनाक्रम पर बोलते हुए इस बात को स्वीकार किया कि तीनों के जाने से भावनात्मक शून्यता पैदा हो गई है, लेकिन उन्होंने कहा कि बदलाव की यह प्रक्रिया भारतीय क्रिकेट के लिए कोई नई बात नहीं है।
उन्होंने कहा, “हम भारतीय टीम में बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं । टीम में युवा चेहरे हैं और कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी अभी भी उनका मार्गदर्शन करने के लिए मौजूद हैं तथा यह बदलाव की प्रक्रिया आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी। यह दशकों से चल रही है।”
अपने निजी अनुभव से बताते हुए मास्टर ब्लास्टर ने याद किया कि कैसे अतीत में भी इसी तरह के बदलाव हुए थे, जब उनकी अपनी पीढ़ी ने कमान संभाली थी।
तेंदुलकर ने कहा, “किसी न किसी स्तर पर खिलाड़ियों को संन्यास लेना पड़ता है और किसी न किसी स्तर पर नए खिलाड़ी उनकी जगह ले लेते हैं और अपना सफर शुरू कर देते हैं। यहां तक कि जब हम खेल रहे थे, चाहे वह सहवाग (वीरेंद्र), गांगुली (सौरव), द्रविड़ (राहुल), लक्ष्मण (वीवीएस), मैं, अनिल कुंबले, युवराज (सिंह) या धोनी (एमएस), किसी न किसी स्तर पर हम सभी ने संन्यास ले लिया और अगली पीढ़ी ने कमान संभाली।”
उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया जारी रहेगी और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि नई पीढ़ी प्रतिभाशाली है।”
तेंदुलकर ने भारत में उपलब्ध प्रतिभा पर भी भरोसा जताया तथा नये खिलाड़ियों पर धैर्य और विश्वास रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “जहां तक कौशल का सवाल है, हमारे देश में बहुत सारे कुशल खिलाड़ी हैं। मुझे उम्मीद है कि वे उन्हें दिए गए अवसर का पूरा फायदा उठाएंगे।”
कोहली, रोहित और अश्विन के संन्यास पर विचार करते हुए सचिन ने स्पष्ट लेकिन सराहनीय बातें कहीं।
उन्होंने कहा, “तो, वह प्रक्रिया, आपने विराट और रोहित के बारे में जो कहा और मैं उसमें एक और नाम जोड़ूंगा, अश्विन ने भी संन्यास ले लिया है। ये तीन संन्यास, मेरा मतलब है, यह चलता रहेगा। उनके योगदान की हमेशा सराहना की जाएगी।”
भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से 4 अगस्त, 2025 तक होगा, जिसके मैच हेडिंग्ले (लीड्स), एजबेस्टन (बर्मिंघम), लॉर्ड्स (लंदन), ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) और द ओवल (लंदन) में खेले जाएंगे।
टेस्ट प्रारूप में भारत के लिए एक नए युग की शुरुआत हो रही है क्योंकि आधुनिक समय की दिग्गज टीम अपने पहले टेस्ट मैच के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के बिना तैयार है । भारत के सबसे युवा टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने रोहित से कमान संभाली है और देश को सफलता की ओर ले जाने तथा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए चुनौती पेश करने की जिम्मेदारी संभाली है।
भारत की टीम: शुबमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रित बुमरा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा।
भारत के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन : जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रुक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेट कीपर), क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोश टंग, शोएब बशीर।
मेष: दिन शुभ रहेगा...