
Shubman Gill : भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे मैनचेस्टर टेस्ट के चौथे दिन का खेल समाप्त होते-होते भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखने की आहट सुनाई देने लगी है। टीम इंडिया के युवा कप्तान शुभमन गिल न केवल मैच को ड्रा की ओर ले जाने की रणनीति पर अमल कर रहे हैं, बल्कि वे व्यक्तिगत स्तर पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों के रिकॉर्ड को चुनौती देते हुए इतिहास के बेहद करीब पहुंच गए हैं।
खतरे में गावस्कर का रिकॉर्ड
इस टेस्ट सीरीज में गिल अब तक 697 रन बना चुके हैं। अगर वे मैनचेस्टर टेस्ट की आखिरी पारी में 78 रन और जोड़ते हैं, तो वे 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सुनील गावस्कर द्वारा बनाए गए 774 रनों का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। यह रिकॉर्ड पिछले 54 वर्षों से अटूट है और किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा विदेशी सरजमीं पर एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन का कीर्तिमान है।
विदेशी धरती पर सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय-
सुनील गावस्कर 774 रन, 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ
शुभमन गिल 697* रन, 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ
विराट कोहली 692 रन, 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
दिलीप सरदेसाई 642 रन, 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ
कप्तानी में भी रच सकते हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड
गिल की नजरें सिर्फ भारतीय रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं। बतौर कप्तान वे इस वक्त डॉन ब्रैडमैन के ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड के बेहद करीब हैं। ब्रैडमैन ने 1930 की इंग्लैंड सीरीज में बतौर कप्तान 810 रन बनाए थे। गिल को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए सिर्फ 114 रन और चाहिए, जो वे मैनचेस्टर की दूसरी पारी और केनिंग्टन ओवल टेस्ट में आसानी से हासिल कर सकते हैं, यदि फॉर्म बरकरार रहा।
1 टेस्ट सीरीज में सबसे अधिक रन बनाने वाले कप्तान-
डॉन ब्रैडमैन – 810 रन
ग्राहम गूच – 752 रन
सुनील गावस्कर – 732 रन
डेविड गॉवर – 732 रन
गैरी सोबर्स – 722 रन
ग्रीम स्मिथ – 714 रन
ग्रेग चैपल – 702 रन
शुभमन गिल – 697 (नाबाद) रन
टीम के लिए संकटमोचक
भारत ने चौथे दिन स्टंप्स तक 2 विकेट के नुकसान पर 174 रन बना लिए हैं। शुरुआती झटकों के बाद जब स्कोरबोर्ड पर शून्य पर दो विकेट गिर चुके थे, तब गिल और केएल राहुल ने मोर्चा संभाला। दोनों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए एक मजबूत साझेदारी खड़ी की। राहुल 87 और गिल 78 रन बनाकर नाबाद हैं। भारत अब भी इंग्लैंड से 137 रन पीछे है, लेकिन क्रीज पर इन दोनों बल्लेबाजों की मौजूदगी से उम्मीदें जिंदा हैं।
क्या गिल बन पाएंगे ग्रेटेस्ट टेस्ट सीरीज कप्तान?
शुभमन गिल की बल्लेबाजी सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं है, बल्कि यह नेतृत्व, जुझारूपन और आत्मविश्वास की कहानी भी है। 25 साल की उम्र में कप्तानी करते हुए जिस अंदाज़ में वे खेल रहे हैं, उसने उन्हें न सिर्फ टीम इंडिया का भविष्य बनाया है, बल्कि वह टेस्ट क्रिकेट की महान हस्तियों की सूची में शामिल होने की दहलीज पर खड़े हैं।
आखिरी दिन का खेल अब निर्णायक होगा। गिल के पास दो ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका है — भारत के बाहर एक सीरीज में सबसे ज्यादा रन और बतौर कप्तान एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन। क्या गिल गावस्कर और ब्रैडमैन दोनों को पीछे छोड़ पाएंगे? इसका जवाब क्रिकेट प्रेमियों को जल्द ही मिल जाएगा।
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