ब्रिस्टल : लगातार 2 मैच हारने के बाद श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम जब शृंखला के निर्णायक चौथे टी-20 मैच में इंगलैंड के सामने होगी तो उसके सामने खिलाड़ियों के चयन को लेकर मुश्किल चुनौतियां होगी। भारतीय टीम इंगलैंड के मुश्किल हालात में ढलने के लिए संघर्ष कर रही है और टीम यह मैच हार गई तो सीरीज भी गंवा देगी। टीम चयन को लेकर सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन को लेकर है। उन्हें दूसरे और तीसरे टी-20 से बाहर कर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया गया था। इस युवा खिलाड़ी का प्रदर्शन अब तक टीम के बाकी खिलाड़ियों से न तो खराब रहा है और न ही बहुत अच्छा।
संजू का करियर पिछले 4 महीनों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी सिर्फ कप्तान श्रेयस अय्यर पर नहीं है जो अपनी वापसी करने वाली शृंखला में अचानक कप्तान बनाए जाने के बाद अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। टी-20 विश्व कप दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को बाहर करने पर भारी आलोचना हुई थी। अब उसी टूर्नामैंट के नायक सैमसन को नजरअंदाज करने के फैसले ने एक और सार्वजनिक विरोध को हवा दे दी है।
अब सलामी बल्लेबाजी जोड़ी को छेड़े बिना सैमसन को टीम में शामिल करने और सूर्यवंशी को बिना किसी दबाव के अपना हुनर दिखाने का मौका देने के लिए मध्यक्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन की जगह पक्की मानी जा रही है, लेकिन उप-कप्तान तिलक वर्मा की जगह पर सवाल उठ सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या भारत अपनी किस्मत को बदलने के लिए बदले हुए बल्लेबाजी क्रम के साथ सैमसन पर भरोसा करेगा।
बुधवार को एक और हैरान करने वाली रणनीतिक गलती देखने को मिली, जब पावरप्ले के दौरान तय ‘फिनिशर’ शिवम दुबे से पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया, अगर बल्लेबाजी में काफी सुधार की दरकार है तो गेंदबाजी विभाग विशेषकर स्पिनरों का हाल भी कुछ अलग नहीं है। ‘मिस्ट्री स्पिनर’ वरुण चक्रवर्ती बहुत निराशाजनक रहे हैं। हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंगलैंड टीम को ऐसी कोई चिंता नहीं है। टीम शानदार फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज फिल साल्ट के दम पर आत्मविश्वास से मुकाबले में उतरेगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...