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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण महाकाव्य का अपने आप में विशेष महत्व है। इस प्रथम महाकाव्य की प्रतिष्ठा भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में वेद तुल्य है। इस महाकाव्य का एक-एक अक्षर अमरता का सूचक एवं महापाप का नाशक है। श्री रामायण राष्ट्र की अमूल्य निधि है। यह जहां परमेश्वर के भेद-अभेद एवं सर्वश्रेष्ठता का.