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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संबंध में दिशा-निर्देशों पर विचार करते हुए कहा कि नागरिकों को भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की अहमियत समझनी चाहिए और आत्म-नियमन का पालन करना चाहिए। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ वजाहत खान नामक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर.