सामुद्रिक शास्त्र में केवल हथेलियों की रेखाओं को ही नहीं, बल्कि नाखूनों की बनावट और रंग को भी व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य और आर्थिक स्थिति से जोड़ा गया है।
आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में प्रदोष व्रत के रूप में मनाया जाता है। विशेष बात यह है कि यह त्रयोदशी शुक्रवार के दिन पड़ रही है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जा रहा है।