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नई दिल्लीः दिव्यांगजन संबंधी मामलों के विभाग ने सेवा पुस्तिका में एक कर्मचारी का नाम सामान्य के बजाय दिव्यांग की श्रेणी में शामिल करने में चार साल की देरी के लिए जिम्मेदार पाए गए अधिकारियों को एक अनूठी सजा दी है और उन्हें पांच दिन तक दिव्यांग छात्रों की सेवा करने का आदेश दिया है।.