-
नेशनल डेस्कः रूस-यूक्रेन युद्ध और हाल ही में इजरायल-ईरान संघर्ष ने पूरी दुनिया को यह समझा दिया है कि केवल पेट्रोल और डीजल पर निर्भर रहना भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं है। अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों.