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प्रदर्शन करने पहुंचे नरेश कुमार का कहना है कि करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण के बाद स्थानीय लोगों को अपनी जमीन, पंचायत, सामुदायिक भवन, विभिन्न संस्थानों, कार्यालयों, बस ठहराव, जलस्रोत, नदी, वन क्षेत्र और श्मशानघाट जैसे स्थानों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। उनका कहना है कि.