-
बद्दी: शहनाइयों की गूंज और शादी के गीतों की तैयारी थी, वहां अब केवल सिसकियों से सन्नाटा पसर गया। पिछले बुजगों से सुना है कि..कहते हैं कि मनुष्य योजनाएं बनाता है, लेकिन अंतिम निर्णय उस विधाता का होता है जिसके आगे किसी का जोर नहीं चलता। ऐसा ही एक हादसा बददी के वार्ड नंबर दो.